AI se Stock Analysis Kaise Kare – एआई से स्टॉक एनालिसिस कैसे करें |

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AI se Stock Analysis:- आज की इस बदलती दुनिया में आपको डिजिटल दुनिया का ज्ञान नहीं है, तो क्या मतलब आपको इसकी कोई जानकारी नहीं है तो आप अपने आस – पास से लो , अपने दोस्तों से जिसे इसका ज्ञान हो नहीं तोआप वेबसाइट(website) और यूट्यूब(YouTube) का भी उपयोग कर सकते हैं और अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं | परंतु आज की दुनिया में AI आ गया है | इसका ज्ञान विशेष कर होना जरूरी है और आज हम सीखेंगे की Stock Analysis में AI का प्रयोग कैसे करें | आपका कोई भी सवाल हो Stock Market से रिलेटेड हो तो आप AI से कैसे पहुंच सकते हैं और आपको उसका उत्तर कैसे मिलेगा इस पर भी हम विस्तार से आगे बात करने वाले हैं |

AI से Stock Analysis करना सही है

AI से स्टॉक एनालाइज (Analysis)  करना एकदम सही है क्योंकि यहां पर आपको स्टिक उत्तर मिल जाता है | यहां आपको एक आर्टिकल में Fundamental Analysis करना हो या  Technical  Analysis सब आसानी से कर पाओगे | आज की इस दुनिया में AI का प्रयोग कर एक दम आगे रह सकते हो क्योंकि आज की दुनिया Digital हो गई है | तो आपको भी तो बनना होगा | आप AI का प्रयोग कर सकते हैं और समय बचा सकते है |

जैसे :- (1 ).Chat GPT    (2).Gemini  का प्रयोग करो |

AI Stock Analysis APPS

AI से Stock Analysis करने के लिए कुछ APPS है जिसका प्रयोग कर आप अपने समय को बचा सकते हो और Stock को अच्छे से Analysis कर सकते हो |

Chat GPT से Stock Analysis

आइए अब हम Chat GPT से Stock Analysis करते हैं यहां पर हम टेक्निकल एनालिसिस एंड फंडामेंटल एनालिसिस  देखने वाले हैं

टेक्निकल एनालिसिस

मान लेते हैं कीआप intraday ट्रेडिंग कर रहे हो उसमें आप देखना चाहते हो की 5 मिनट के टाइम फ्रेम के साथ वॉल्यूम दिखाया जाए | किसी स्टोर का नाम लिखो |

Prompt 1.मुझे बैंक निफ्टी का चार्ट दो , दिनांक 9 /07/2025

मुझे बैंक निफ्टी का चार्ट दो

Prompt 2.मुझे निफ्टी 50 का वॉल्यूम दो ,दिनांक 9/07/2025

मुझे निफ्टी 50 का वॉल्यूम दो

Prompt 3. निफ्टी 50 में मुझे डेमो मूविंग एवरेज ( ma ) इंडिकेटर लगाओ |

आप इस प्रकार Chat GPT को Prompt लिखोगे तो आपको एक स्टिक  उत्तर मिलेगा  | ध्यान रहे यहां आपको  वेरीफाय Website दिखेगी वहां Click कर Chart देख सकते हैं|  इसी प्रकार से आप इसके अन्य Share को भी ले सकते हैं |

फंडामेंट एनालिसिस

हमने टेक्निकल एनालिसिस करना तो सीख लिया है कि AI से टेक्निकल एनालिसिस कैसे करते हैं | अब हम देखेंगे कि AI से फंडामेंट एनालिसिस कैसे कर सकते हैं | फंडामेंट एनालिसिस के लिए यहां पर मैं इन वेल्यु  को दिखाने वाला हूं | PE, PB, Market Volume, Market cap, Price और भी अन्य वेल्यू हो सकती  हैं | मैं यहां Chat GP का प्रयोग कर रहा हूं | Fundament Analysis के लिए आप भी मेरे साथ इसका प्रयोग करें | Chat GPT से कहिए कि मुझे SBI Share का PE, PB Market Cap , और अन्य वॉल्यूम जो आपको पता है यह लिख कर Chat GPT को बताओ आपको एक मिनट या सेकंड में उत्तर मिल जाएगा | इस प्रकार आप Chat GP का प्रयोग कर अपना समय बचा सकते हो और आपको अन्य वेबसाइट पर घूमना भी नहीं पड़ेगा समय बचा कर इस समय को अन्य जगह लगा सकते हो इसी प्रकार आप Chat GP का प्रयोग कर सकते हो | Gemini, Perplexity का प्रयोग भी ऐसे ही करें |

उदाहरण 1. SBI BANK का PE रेसो बताओ |

उदाहरण 2.SBI BANK का मार्किट कैप कितना है |

उदाहरण 3.SBI BANK का PB रेसो बताओ |

👉.ये तीनो के उदाहरण देखने के लिए क्लिक करे  |

AI से Stock Analysis के लाभ

AI से Stock analysis करने के तो कहीं फायदे हैं पर मैं आपको यहां पर कुछ फायदे बता रहा हूं |

  • समय की बचत कर सकते हैं ✔
  • आप अपने दोस्तों में स्मार्ट बन सकते हैं✔
  • एक साथ कहीं सारी वेबसाइट मिल जाती है✔
  • आपको वेरीफाय वेबसाइट मिलती है✔
  • अधिक पैसे बनाने के रास्ते पर चल सकते हैं✔

आप अपने नजरिए से कुछ और भी लाभ देख सकते हैं |

AI से Stock Analysis की हानि

AI से कहीं हानियां भी रहती है यह कभी-कभी पुरानी वेबसाइट को सामने  रख देता है और वहां पर पुराना कंटेंट होता है उस कंटेंट पर भरोसा कर हम नुकसान कर सकते हैं वेरीफाई वेबसाइट का ज्ञान होना बहुत जरूरी है AI से जो कंटेंट मिल रहा है उसे आप Google पर जाकर वेरीफाई जरूर करें |

निष्कर्ष

यह आर्टिकल पढ़ने के बाद हमें यह समझ आया कि AI का प्रयोग करके Stock Analysis किस प्रकार से कर सकते हैं आपने जाना कि किस AI APP या वेबसाइट का प्रयोग कर हम Analysis का कार्य पूर्ण कर सकते हैं |

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet पर लिखे हर एक आर्टिकल Education परपस से लिखा गया है | और AI se Stock Analysis Kaise Kare यह आर्टिकल भी एजुकेशन के परपस से लिखा गया है | ट्रेडिंग करने से पहले अपने सलाहकार से सलाह जरूर लें फिर अपने रिक्स (जोखिम) पर ट्रेडिंग व इन्वेस्टिंग करें | “YourFinancePlanet.in”   किसी भी प्रकार के लॉस के लिए जिम्मेदार नहीं है |

एफडी अकाउंट(Fixed Deposit Account ) से करोडपति बन सकते है |

Fixed Deposit se bane karod pati

Fixed Deposit Account:- आज के जमाने में आप एफडी (FD)अकाउंट खोल कर बैठ गए हो और सोच रहे हो कि मैं एक अमीर आदमी बन जाऊंगा तो आप एकदम गलत हो परंतु हम इस पर बात करेंगे कि आप कितने रुपए की एफडी कराओगे तो आपके पास एक करोड़ रूपये बन कर तैयार हो जाएगे | हम यह जानेंगे की एफडी अकाउंट क्या है | और कैसे काम करता है| इसके क्या फायदे हैं इन सब पर हम विस्तार से आगे बात करने वाले हैं तो बने रहिए | Your Finance Planet के साथ और सीखते रहिए | Finance Tips और Trick “आगे बढ़ना है तो सीखना तो पड़ेगा |”

एफडी अकाउंट(FD Account ) क्या है

एफडी अकाउंट पैसों को सुरक्षित रखने का एक साधन है जहां आपका पैसा सुरक्षित रहता है और उसी पर आपको ब्याज भी मिलता है | आप एक निश्चित समय में एफडी अकाउंट में पैसा जमा करवाओगे यह आप पर निर्भर करता है कि 7 दिन के लिए जमा करो या 10 वर्ष के लिए यह पैसा महीने की एक निश्चित दिनांक (तारीख) को करना होता है| जो पैसा आप जमा करोगे वह एक दम सुरक्षित है आपको आपका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा ब्याज के साथ तो डरे नहीं अपनी निश्चित राशि जमा करते रहे |

एफडी अकाउंट(FD Account ) कैसे काम करता है

एफडी अकाउंट F.D Account एक सिंपल तरीके से काम करता है| आपके पास हर महीने कुछ सैलरी आती होगी या फिर आप अपनी माता या पिता से पैसे ले सकते हो और हर महीने इसे बैंक में जमा करते रहो आप यह कुछ महीने से लगा कर कुछ सालों तक कर सकते हो जितने समय तक आप यह पैसा जमा करोगे | उसी पर आपको ब्याज मिलेगा | मतलब आपने जो पैसा जमा किया है और फिर बैंक 6%-7% तक आपको पैसा अलग से देगी | आप यहां पर पैसे से पैसा बनाते हो चलिए एक उदाहरण से समझते हैं |

उदाहरण :- दीपक मीणा हर महीने अपने FD Account में 1000 रुपए जमा करवाता है और उसे बैंक से 6 %-7% ब्याज मीलता है सालाना उसे कितना ब्याज मिलेगा |

हर महीने -1000/-(रुपये )

एक साल में – 12000/-(रुपये )

7 प्रतिशत के हिसाब से साल भर में 12000/-रुपयों पर 840/-रुपये ब्याज मिलेगा | और यह महीने का 80/-रुपये हो रहा है |

👉.Bank of Baroda Car Loan ✔

FD Account खोलने के फायदे

FD Account खोलने के कई सारे फायदे हैं | परंतु में खास फायदे आपके साथ शेयर कर देता हूं |

  1. पैसे बचाने की आदत लगाना यह एक अच्छी आदत है |
  2. आपको ब्याज दर मिलेगी मतलब पैसों पर पैसा मिलेगा |
  3. यह एकदम सुरक्षित है कोई रिक्स नहीं है |
  4. आप यहां से कभी भी पैसे निकाल सकते हैं |
  5. जरूरत पड़ने पर काम आ सकता है |

FD Account कैसे खोलें

आप FD Account खोलना चाहते हैं तो आपके आस – पास जो बैंक है | वहां से यह खाता खोल सकते हैं | आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, लेकर जाए खोल देंगे | आप ऑनलाइन से घर बैठकर भी खोल सकते हैं | आपको अधिक जानकारी चाहिए तो इन लिंक पर Click करें |

FD Account से करोड़ों कमा सकते हैं क्या

देखो मेरा तो कहना है हां भी और ना भी आप FD Account से करोड़ों कमा सकते हो परंतु आपके Account में करोड़ों जमा भी होने चाहिए तो संभव है बाकी नहीं आप लाखों जमा कर हजार रुपए कमा सकते हो इतना तो पैसा आपके पास रहता ही होगा |

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हने सिखा की FD account कैसे काम करता है | यह क्या हमारे लिए सही है या नही इस बात पर भी हमने नजर डाली है | देखो कैसे तो हम FD account से करोड़पति तो नहीं बन सकते है | परन्तु हम बैंक को अधिक पैसे देगे तो हमें भी अधिक पैसा वापस मिलेगा |

what are bank accounts ( बैंक एकाउंट्स क्या हैं )

Bank Accounts

 हिंदी भाषा में 

Bank accounts:- हेलो कैसे हो ! मैं दीपक मीणा आपका स्वागत करता हूँ , योर फाइनेंस प्लेनेट पर , यहाँ पर आप जानने  वाले हो की बैंक एकाउंट्स क्या होते हैं | आपने कभी न कभी बैंक अकाउंट जरूर खुलवाया होगा | क्योकि आपके पैसे किसी अन्य माध्यम से आने वाले है जैसेकि आप किसी बैंक के अंदर कार्य कर रहे हो तो वो सैलेरी भी बैंक में आने वाली हैं | आप एक स्टूडेंट होतो भी आपको बैंक अकाउंट की जरूरत होती हैं | क्युकी आपके सरकार की तरफ से जो पैसे मिलने वाले है वह भी बैंक के माध्यम से आप तक पहुंचने वाला है | आप किसी कंपनी में कार्यरत होतो भी आपको बैंक अकाउंट की जरुरत होने वाली हैं | क्युकी कम्पनी आपको पैसा बैंक के माध्यम से आपको देने वाली है | आपके पास पैसे आ रहे है , मतलब आपको बैंक अकाउंट की जरुरत होगी  | तो आप भी अपना अकाउंट जरूर खोल वादे |

पब्लिक सेक्टर बैंक्स / कुछ बैंक्स के नाम

  1. बैंक ऑफ़ बरोदा : – पूरी जानकारी 
  2. बैंक ऑफ़ इंडिया  : – पूरी जानकारी 
  3. बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र  : – पूरी जानकारी 
  4. कनारा बैंक  : – पूरी जानकारी 
  5. सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया  : – पूरी जानकारी
  6. इंडियन बैंक  : – पूरी जानकारी 
  7. इंडियन ओवरसीज बैंक  : – पूरी जानकारी 
  8. पंजाब & सिंद बैंक  : – पूरी जानकारी 
  9. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया  : – पूरी जानकारी 
  10. यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया  : – पूरी जानकारी
  11. UCO बैंक  : – पूरी जानकारी 
  12. पंजाब नेशनल बैंक  : – पूरी जानकारी 

निष्कर्ष

हेलो पूरी जानकारी मिली बैंक एकाउंट्स की , आपने इस आर्टिकल को पूरा पढ़ा है | इस के अंदर बहुत कुछ नया सीखा होगा | आपने सीखा होगा की बैंक में अकाउंट होना क्यू जरुरी है | लिंक पर क्लिक कर बैंक की पूरी जानकारी ली होगी |
जैसे :- बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक

In English language 

Bank Accounts

Hello, how are you? Deepak Meena welcomes you to Your Finance Planet, here you are going to know what bank accounts are. You must have opened a bank account at some point of time. Because your money is going to come through some other medium, like if you are working in a bank, then that salary will also come to the bank. Even if you are a student, you need a bank account. Because the money that you are going to get from the government will also reach you through the bank. Even if you are working in a company, you will need a bank account. Because the company is going to give you money through the bank. Money is coming to you, which means you will need a bank account, so you must open your account.

Public Sector Banks / Names of some banks

  1. Bank of Baroda :- Complete information
  2. Bank of India :- Complete information
  3. Bank of Maharashtra :- Complete information
  4. Canara Bank :- Complete information
  5. Central Bank of India :- Complete information
  6. Indian Bank :- Complete information
  7. Indian Overseas Bank :- Complete information
  8. Punjab & Sind Bank :- Complete information
  9. State Bank of India :- Complete information
  10. Union Bank of India :- Complete information
  11. UCO Bank :- Complete information
  12. Punjab National Bank :- Complete information

Conclusion

Hello, got complete information about bank accounts, you have read this article completely. You must have learned a lot of new things in this. You must have learned why it is necessary to have a bank account. You must have got complete information about the bank by clicking on the link.
Like:-  Bank of India,Bank of Maharashtra,Canara Bank,Central Bank of India,Indian Bank,Indian Overseas Bank,Punjab & Sind Bank,State Bank of India,Union Bank of India,UCO BankPunjab National Bank

ट्रेडिंग व निवेश में लिक्विडिटी | Liquidity in trading and investing

ट्रेडिंग व निवेश में लिक्विडिटी | Liquidity in trading and investing
Liquidity:- आज तक आपने निवेश व ट्रेडिंग की है तो आपको पता होगा की लिक्विडिटी क्या है ? और यह निवेश व ट्रेडिंग में कैसे काम करता है आप मार्केट में न्यू हो तो घबराने की कोई बात नहीं है मैं आपको लिक्विडिटी के बारे में आसान और ईजी तरीके से बताने वाला हूं | मार्केट में लिक्विडिटी होना या नहीं होना कितना मायने रखता है और कितना नहीं यह जानकारी भी आपके यहां पर मिलने वाली है “ जब मार्केट में उतार – चढ़ाव होता रहता है तो उसे हम लिक्विडिटी कहते हैं” और समझते हैं स्टॉक मार्केट में किसी कंपनी के शेयर में उसको बेचने वालों की संख्या और खरीदने वालों की संख्या अधिक मात्रा में है तो हम यह के सकते हैं कि इस शेयर में लिक्विडिटी है या अधिक है | “और आसानी से समझते हैं स्टॉक मार्केट में जो चार्ट दिख रहे हैं उसमें हल – चल होती रहती है तो हम कह सकते हैं कि इसमें लिक्विडिटी है ।

स्टॉक मार्केट में लिक्विडिटी

आप इंडिया के स्टॉक मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग करो या विदेश के अन्य स्टॉक मार्केट में लिक्विडीटी हो तभी निवेश करना है | मान लो आप इंडिया के स्टॉक मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग करते हो तो किसी एक इंडेक्स में या शेयर में निवेश या ट्रेडिंग करोगे | आप यहां पर यही देखोगे की इंडेक्स व शेयर में कितनी लिक्विडिटी है वही देखोगे तभी आप इसमें निवेश या ट्रेडिंग करोगे | बिना लिक्विडिटी से आप निवेश या ट्रेडिंग करोगे तो आपका लॉस (हानि) हो सकता है या फिर आपको रिटर्न नहीं मिल पाएगा | स्टॉक मार्केट में इंडेक्स होते हैं और उस इंडेक्स में कंपनियां आप एक इंडेक्स में निवेश करते हो तो मतलब कि पूरे उसे सेक्टर में निवेश व ट्रेडिंग कर रहे हो | “ स्टॉक मार्केट में लिक्विडिटी हो तभी निवेश व ट्रेडिंग करना बाकी आप आपके पैसे गवा सकते हैं लिक्विडिटी है तो पैसा बना पाओगे नहीं तो नहीं बना पाओगे ।
 

लिक्विडिटी की समझ

आप कैसे पानी में नहाना पसंद करोगे गंदे पानी में या साफसुतरे पानी में आप सोच रहे होंगे यह कैसा सवाल है ? मैं तो साफ पानी में ही नहाऊंगा पानी साफ है उसी में नहाऊंगा क्योंकि यह पानी अच्छा भी रहता है इसी प्रकार स्टॉक मार्केट में इंडेक्स होते हैं और उसमे कंपनियाँ , आपको देखना है कि कौन-सी कंपनी सही है | सही का मतलब कि उसके फंडामेंटल कैसा हैं और फिर देखना है कि यह शेयर कितनी बार खरीद और बेचा गया है इसके चार्ट में कैंडल कैसे बनती है ऊपर – नीचे हो रही है बड़ी कैंडल बन रही है तो समझ लेना कि इसमें एक अच्छी लिक्विडिटी है ।

एक शेयर की लिक्विडिटी

मैं यहां पर एसबीआई(SBI) के शेयर से समझाता हूं | इस शेयर के चार्ट को आप अच्छे से देखें और समझे इसमें क्या हो रहा है | यहां क्लिक कर आप एसबीआई (SBI) शेयर का चार्ट देख सकते हैं | इसमें बने कैंडल को देखें, कहीं बड़ी कैंडल दिखेगी और कहीं छोटी कैंडल और कभी शेयर का प्राइस कम हो रहा है और कभी बढ़ रहा है तो समझ लेना कि इसमें लिक्विडिटी है किसी अन्य कंपनी का चार्ट लेकर अच्छे से समझे की लिक्विडिटी क्या है और कैसे काम करती है ।

पेनी शेयर की लिक्विडिटी

पेनि शेयर से आप क्या समझते हैं यही ना छोटी कंपनी के शेयर तो आप एक दम सही सोच रहे हो | इसमें कभी लिक्विडिटी बहुत अधिक हो जाती है तो कभी कम तो कभी होती ही नहीं है इनमें लिक्विडिटी नहीं के बराबर होती है आप ट्रेडिंग कर रहे हो तो इसमें न करें क्योंकि आपका लॉस हो सकता है आप यहां पर क्लिक कर देख सकते हैं कि लिक्विडिटी किस प्रकार है पेनी स्टॉक में आप इसमें एक लंबे समय तक निवेश करना चाहते हो तो कर सकते हो इससे पहले आपको फंडामेंटल आना जरूरी है यहां क्लिक कर इसे अच्छे से समझे , पेनी स्टॉक शेयर में बहुत कम लिक्विडिटी होती है ।

निफ्टी-50 की लिक्विडिटी

क्या आपने ऑप्शन ट्रेडिंग की है शायद हां या ना हो सकता है परंतु आपने निफ्टी 50 का इंडेक्स तो देखा होगा इसमें प्राइस कभी कम व कभी अधिक होती रहती है यह प्राइस परिवर्तन कुछ सैकड़ो में होता है जो यह परिवर्तन हो रहा है इससे आप क्या कहेंगे इसे आप यह कह सकते हो की निफ्टी-50 में कितनी लिक्विडिटी है सीधे तौर से कहते हैं तो निफ्टी-50 में जो भाव का ऊपर और नीचे होना उसी को हम लिक्विडिटी कहते हैं ।

लिक्विडिटी शेयर की पहचान कैसे करें

किसी एक शेयर की हमें लिक्विडिटी पता करनी हो तो कैसे करें | आप अपने पसंद से किसी भी कंपनी का शेयर उठाओ और उसमें उस शेयर का चार्ट देखो क्या इसमें हल-चल हो रही है या नहीं शेयर के चार्ट में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है तो समझ लेना इसमें कोई लिक्विडिटी नहीं है परंतु जब इसके साथ में परिवर्तन हो रहा हो तो समझना कि इसमें लिक्विडिटी है इस प्रकार से आप शेयर की लिक्विडिटी की पहचान कर सकते हैं आपको और भी जानकारी चाहिए तो यहां क्लिक करें ।

लिक्विडिटी शेयर की पहचान कैसे करें

ध्यान रहे जिस शेयर में लिक्विडिटी नहीं है उसमें न ही निवेश करना है और न ही ट्रेडिंग करनी है आप यह रहते हैं तो आप भारी हानि हो सकती है यहां पर आपने पैसे डालें ट्रेडिंग के लिए और एक भी बार चार्ट में परिवर्तन नहीं दिखा तो आप लॉस कर दोगे मतलब कि उसके भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ | तो वो वही का वही रहे तो आपका नुकसान होगा ।
उदाहरण – आपने कोई शेयर ट्रेडिंग के लिए लिया जिसकी प्राइस ₹10 थी | पूरे दिन में इसमें एक बार ही परिवर्तन आया मतलब की शेयर की प्राइस 10 से 9 हो गई तो आपको तो हानि ही हुई । आप समझ गए होंगे कि शेयर में लिक्विडिटी का होना क्यों जरूरी है ।

लिक्विडिटी से लाभ

  • स्टॉक मार्केट में लिक्विडिटी होगी तो आप अच्छा पैसा बनाओगे |
  • किसी एक शेयर में भी आप पैसा बना पाओगे |
  • ट्रेडिंग कर अच्छा पैसा बना पाओगे जब लिक्विडिटी अधिक होतो ।

लिक्विडिटी नहीं होने पर हानि

यहां तक आपने इस आर्टिकल को ध्यान से पड़ा होगा तो समझ गए होंगे कि लिक्विड होना कितना जरूरी है नहीं होने पर आप अपना पैसा गवा सकते हो ट्रेडिंग अच्छे से नहीं कर पाओगे स्टॉक मार्केट से पैसा कमाना बहुत कठिन हो जाएगा ।

आपके लिए क्यों लिक्विडिटी महत्वपूर्ण है

आप स्टॉक मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग करते हो तो आपके लिए लिक्विडिटी ही सब कुछ है लिक्विडिटी नहीं होगी तो आप पैसा नहीं बना पाओगे इसलिए आपके लिए लिक्विडिटी महत्वपूर्ण है ।

निष्कर्ष

पूरा आर्टिकल पढ़ने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि आपने यह सीख की लिक्विडिटी क्या होती है और कैसे काम करती हैं इसका होना क्यों जरूरी है और नहीं होने पर क्या होगा यह सब हम ने विस्तार से जाना है ।

डिस्क्लेमर

YOUR FINANACE PLANET पर लिखे हर एक आर्टिकल एजुकेशन परपस से लिखा गया है और लिक्विडिटी इन ट्रेडिंग भी एजुकेशन के लिए लिखा गया है | ट्रेडिंग करने से पहले अपने सलाहकार से सलाह जरूर लें फिर अपने रिक्स (जोखिम) पर ट्रेडिंग व इन्वेस्टिंग करें | yourfinanaceplanet.in की किसी भी प्रकार के लॉस के लिए जिम्मेदार नहीं है।

स्टॉक मार्किट में ट्रेंड लाइन की पूरी जानकारी | Full details about trend line in stock market

Full details about trend line in stock market
Full details about trend line in stock market:- क्या आप स्टॉक मार्केट में नये होतो आपको ट्रेडलाइन की समझ होना अति आवश्यक है । क्योंकि आपको इसके बारे में किसी भी प्रकार का ज्ञान नहीं होगा । तो आप स्टॉक मार्केट की जर्नी में सफल नहीं हो पाओगे । इतनी समझ होनी चाहिए कि इसका प्रयोग कहां करते हैं और कैसे करते हैं । कितनी बिंदु पर टच करनी चाहिए और इसके अंदर कितने डिग्री के को बनने चाहिए । इससे हमें क्या फायदा है और क्या नुकसान और किस समझ पर सही रहेगा । इस सभी की जानकारी मैने आगे बताई है । ( स्टॉक मार्किट में ट्रेंड लाइन की पूरी जानकारी | Full details about trend line in stock market )
 

ट्रेडलाइन के कितने प्रकार होते हैं । 🤔

हम यहां देख रहे हैं की ट्रेडलाइन कितनी प्रकार की है ट्रेडलाइन खासकर तीन प्रकार की होती है जो यहां पर बताई गई है ।
  1. अप ट्रेडलाइन
  2. डाउन ट्रेडलाइन
  3. साइडवेज ट्रेडलाइन

अप ट्रेडलाइन

हमें मार्केट में अपट्रेंड तब दिखता है । जब किसी एका – एक शेयर की कीमत बढ़ती है तब हमें अपट्रेंड देखने को मिलता है । यह अलग-अलग इंडेक्स में भी मार्केट ऊपर जाता है तो अपट्रेंड बनता है दिखाई देता है । और फिर वहां पर आप अब ट्रेड लाइन बना सकते हो इसे ही हम अब ट्रेडलाइन कहते हैं । यहां अलग – अलग शेयर में अलग-अलग हो सकता है । हर शेयर की प्राइस ऊपर जाती है तो उसमें भी आप एक अलग तरीके से ट्रेडलाइन बना सकते हैं । और खासकर आपको इंडेक्स में ट्रेडिंग करने के लिए आप इंडेक्स में अलग-अलग इंडेक्स में अलग-अलग अप ट्रेडलाइन खींच सकते हो ।
 

डाउन ट्रेडलाइन

मार्केट में हमें डाउन ट्रेंड के अंदर यह ट्रेड देखने को मिलता है ध्यान रहे यह एका – एक शेयर या इंडेक्स के अंदर इसे देखते हैं । देखने को मिलते हैं इसके बाद संभावना है की मार्केट ऊपर जाएगा और आपको एक अच्छा लाभ देकर जाएगा पर हां आप पहले डाउन ट्रेन लाइन भी बना लेना तभी आपको सही अनुमान लग सकता है । जो यह लाइन हमने बनाई है इसे डाउन ट्रेन लाइन कहते हैं।
 

साइडवेज ट्रेंड लाइन

आपको अब साइडवेड ट्रेंड के बारे में पता होना चाहिए । मतलब की मार्केट एक ही लेह में आगे बढ़ता हो , नहीं ऊपर जा रहा हो , नहीं नीचे बढ़ रहा हो एक ही लाइन में आगे बढ़ रहा हो तब आप चार्ट के ऊपर साइड और नीचे साइड एक लाइन बनाओगे उसे हम साइडवेज ट्रेंड लाइन कहते हैं ।
 

स्पोर्ट लाइन

आप स्टॉक मार्केट में किसी भी प्रकार के ट्रेडिंग करते हो तो सपोर्ट लाइन का ज्ञान होना बहुत जरूरी है ।आपको इसमें इन पॉइंट को देखना होता है ।
  • सपोर्ट लाइन कहां से लें |
  • इसको कैसे लगाए |
  • कितने बिंदु पर टच करनी चाहिए |
  • हमें कब शेयर खरीदना चाहिए  |
  • हमें कब शेयर बेचना चाहिए |

इसका प्रयोग कर पैसे बना सकते हैं |

अब इन्हें एक-एक कर समझते हैं सबसे पहले सपोर्ट लाइन कहां से लें ,आप कोई सा भी ब्रोकरेज ऐप खोलो । मैं यहां एंजेल वन ( Angle One ) खोल रहा हूं अब आप किसी भी कंपनी का चार्ट खोलो और इसके राइट साइड टूल्स बार दिखने वाले हैं वहां पर पहले लाइन दिख रही है वहां क्लिक करें वहां से आप होरिजेंटल ( Horizontal line) या होरिजेंटल रे ( Horizontal line Ray ) का उपयोग कर सकते हो अब देखते हैं । इसको कैसे लगाते हैं ।
आप इस पर क्लिक करें और फिर चार्ट पर प्लस आइकन या प्लस आइकन जैसा ही निशान दिखेगा उस पर क्लिक करके वहां सेट करें जहां दो या दो से अधिक डॉट मिलते हो अब मार्केट इस लाइन को टच करके ऊपर जाता है तो मार्केट आगे बढ़ेगा यह अनुमान लगाया जाता है हम अब यह शेयर खरीद सकते हैं हमें कब शेयर बेचना चाहिए । रेजिस्टेंस को टच करके नीचे आता है । मार्केट तब आप बेच सकते हैं या फिर शॉर्ट सेलिंग कर सकते हैं इसका प्रयोग कर आप अच्छा खर्चा पैसा बना सकते हो ।
 

रेजिस्टेंस लाइन

अब हम समझते हैं कि रेजिस्टेंस लाइन क्या है और कैसे काम करती हैं जैसे आपने सपोर्ट लाइन का प्रयोग करना तो सीखा है । वैसे ही हमें रेजिस्टेंस लाइन का प्रयोग करना है ।
सपोर्ट लाइन को आपने नीचे की साइड में प्रयोग किया । अब आप इसे ऊपर की साइड प्रयोग करोगे और वैसे पहले सपोर्ट लाइन में बिंदु को मिलाया वैसे यहां पर भी दो या दो से अधिक प्वाइंट्स ( बिंदुओ )को मिलना होता है । रेजिस्टेंस लाइन को टच करके मार्केट नीचे की ओर आता है तो वहां पर आप शॉर्ट सेलिंग करके पैसा बना सकते हो इससे यह पता चलता है कि अब इससे आगे मार्केट नीचे जाएगा यहां से रिवर्स मिलेगा । मतलब कि यहां से वापस आएगा ऊपर और नीचे दोनों जगह इसी प्रकार से ध्यान रखना होता है ।
 

सपोर्ट लाइन को मार्केट तोड़कर आगे निकल जाए तो

जब ऐसा होता है तो हम टूटे हुए सपोर्ट लाइन को रेजिस्टेंस मानेंगे और दूसरी सपोर्ट लाइन बनानी होगी याद रखें यहां पर हम शॉर्ट सेलिंग करके कमा सकते हैं। हमने जब सपोर्ट लाइन नई बनाई है उसे टच करके वापस ऊपर जाती है तो आप खरीद सकते हो ।
 

रेजिस्टेंस लाइन को तोड़कर मार्केट आगे निकलता है तो

जब आप यहां देखते हो कि रेजिस्टेंस लाइन को तोड़कर मार्केट आगे निकल गया है तो आप उसे लाइन को सपोर्ट लाइन बनाकर हमें आगे खरीदने का माइंट बनाना होगा । यही पर हम पुराने हाय से एक रजिस्टेंस लाइन बना सकते हैं और फिर वहां से मार्केट गिरने का अनुमान लगाया जा सकता है ।
 

साइकोलॉजी

  • जब सपोर्ट लाइन से पहले ही मार्केट में बदलाव हो सकता है मतलब उससे पहले वह ऊपर उठ सकता है ।
  • ऐसे ही रेजिस्टेंस लाइन पर भी काम होता है मार्केट उससे पहले ही वापस गिरने लगता है ।
  • मार्केट सपोर्ट लाइन को तोड़कर नया रेजिस्टेंस बनती है।
  • मार्केट रेजिस्टेंस को तोड़कर नया सपोर्ट बनता है ।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने सीखा की ट्रेंड लाइन की समझ , ट्रेंडलाइन के कितने प्रकार होते हैं । डाउन ट्रेंड क्या होता है , अप ट्रेड क्या होता है, साइड में ट्रेड क्या होता है ,और तो और आपने सीखा की सपोर्ट लाइन कैसे बनाते हैं । रजिस्टर लाइन कैसे बनाते हैं और सपोर्ट लाइन को मार्केट तोड़कर आगे निकल जाए तो क्या होता है और आपने जाना की रजिस्टर लाइन को तोड़कर मार्केट आगे निकल जाता है तो क्या होता है । और आपने इसमें यह भी जाना है कि साइकोलॉजी का प्रयोग कैसे होता है।
 

डिस्कलेंमर

“Your Finance Planet “ पर लिखे हर एक आर्टिकल एजुकेशन परपस से लिखा गया है और “स्टॉक मार्किट में  ट्रेंड लाइन की पूरी जानकारी “ भी एजुकेशन के लिए लिखा गया है ट्रेडिंग करने से पहले अपने सलाहकार से सलाह जरूर लें फिर अपने रिक्स पर ट्रेडिंग व इन्वेस्टिंग करें । YourfinancePlanet.in की किसी भी प्रकार के लॉस ( हानि ) के लिए जिम्मेदार नहीं है ।

इंट्राडे में बाय – सेल स्ट्रेटजी बेसिक | Intraday Buy – Sell Strategy Basic |

intraday buy - sell strategy basic |
Intraday Buy – Sell Strategy Basic :- आप एक इंट्राडे ट्रेंड हो जो कि आपका समय पूरे दिन ट्रेडिंग करने में निकल जाता है । ट्रेडिंग करने के लिए अगले दिन से ही जानकारी जुटाना शुरू कर देते हो न्यूज़ पेपर, अन्य वीडियो और ब्लॉक आर्टिकल से जानकारी एकत्रित करते हो आप चार्ट को समझते हो, इंडिकेटर को समझते हो, और भी कहीं जानकारी प्राप्त कर ट्रेडिंग करते हो परंतु आज हम इंट्राडे में बाय – सेल स्ट्रेटजी बेसिक ( intraday buy – sell strategy basic ) के बारे में अच्छे से अध्ययन करेंगे और समझेंगे बाय, सेल किस स्ट्रेटजी से करना चाहिए ।
 

बाय कैसे करें ।

बाय का मतलब होता है किसी भी शेयर को खरीदना “ Buy “ कहते है खरीदते क्यों हैं । हमें एक निश्चित पैसा कमाने के लिए एक भाव पर खरीदना होता है और उसका भाव बढ़ जाता है तो हमें शेयर को बेच  कर निकल जाना है अपने लाभ के साथ ध्यान रखना यह पैसे कमाने का आसान तरीका तो लगता है परंतु यह आसान है नहीं चलिए । अब मैं बताता हूं कि खरीदते समय किस-किस इंडिकेटर का प्रयोग करें । आप इन इंडिकेटर का प्रयोग कर सकते हैं ।
  • सुपर ट्रेड ( Supertrend)
  • एम ए सी डी ( MACD)
  • वी वैप ( VWAP)
  • एडीक्स ( ADX)
  • पीरियोडिक पॉइंट ( Pivot Points )

सैल कैसे करें ।

सेल का मतलब बाय का उल्टा होता है मतलब की बेचना इसको “sell “कहते  है आपने किसी भी शेयर से लाभ कमाने के लिए खरीदना होगा कोई शेयर फिर भाव बढ़ने पर बेचना होगा । क्या आप सेल कर पैसा कमा सकते हैं हां आप सेल करके पैसा बना सकते हैं । आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हो तो दिन के दौरान आप शॉर्ट सेलिंग कर अच्छा पैसा बना पाओगे । कब मार्केट नीचे की और जाएगा इसका पता लगाने के लिए आप ऊपर बताएं इंडिकेटर का प्रयोग कर सकते हो जैसे सुपर ट्रेड , एमएसीडी , वी वैप एडिएक्स, पीरियोडिक पॉइंट, और भी कही सारे इंडिकेटर हैं जिसका प्रयोग आप कर सकते हैं ।
 

इंडिकेटर का प्रयोग क्यों करें ।

क्या आप बाइक या अन्य वाहन का प्रयोग करते हो आप यह काम तो करते ही हो एक रास्ते से दूसरे रास्ते वाहन  को ले जाना तब आप वाहन के साइड में लगे इंडिकेटर का प्रयोग करते हो यह इस लिए क्योंकि पीछे आता वाहन चालक समझ सके की आप किस   लाइन में जा रहे हो और आपके आगे से आने वाला वाहन चालक समझ सके कि आप किस और जाने वाले हो । इसी प्रकार शेयर मार्केट में भी शेयर का प्राइस किस दिशा में जाएगा यह अनुमान लगाने के लिए ऊपर बताएं इंडिकेटर का प्रयोग करते हैं मतलब कि यहां से मार्केट नीचे जाएगा या ऊपर यह समझ सकते हैं इन इंडिकेटर के माध्यम से आप भी समझ सकते हैं की  मार्किट किस दिशा में जाएगा |  ” ट्रेडिंग करो । और पैसे बनाओ।”
 

कमाने का सही तरीका

आपने स्टॉक मार्केट में कदम रखा है तो समझ लो कि यहां पर कमाने के कही सारे तरीके हैं जिससे आप अच्छा पैसा बना पाओगे । मैं आपको एक तरीका बता रहा हूं । जिससे आप रोज पैसे बना सकते हो इसे हम इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं । मतलब की दिन के दौरान पैसे कमा सकते हो और हां आपने सही तरीके से और समझ के साथ यह काम नहीं किया तो आप पैसों की हानि भी हो सकती है तो पहले अपने ज्ञान को अधिक करें और फिर से ट्रेड करें । इंट्राडे ट्रेडिंग यह कमाने का सही तरीका हैं।
 

निष्कर्ष

आपने यहां पर सीखा कि किसी भी शेयर को बाय ( buy ) करके कैसे पैसा बना सकते हैं और यह भी कि आप किसी शेयर को सेल ( sell ) करके कैसे पैसे कमा सकते हैं । कुछ इंडिकेटर जो आपके ट्रेडिंग जर्नी कोअच्छा बना सके और एक अच्छा लाभ कमा सकते हैं । “आप और भी गहराई से सीखना चाहते हैं तो कमेंट करें ।
 

डिस्कलेंमर

“Your Finance Planet “ पर लिखे हर एक आर्टिकल एजुकेशन परपस से लिखा गया है और “इंट्राडे बाय – सेल स्ट्रेटजी बेसिक “ भी एजुकेशन के लिए लिखा गया है ट्रेडिंग करने से पहले अपने सलाहकार से सलाह जरूर लें फिर अपने रिक्स पर ट्रेडिंग व इन्वेस्टिंग करें । YourfinancePlanet.in की किसी भी प्रकार के लॉस ( हानि ) के लिए जिम्मेदार नहीं है ।
 

स्टॉक मार्केट में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लाइन

Full details about trend line in stock market

स्टॉक मार्केट में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लाइन:- आप मार्केट में नए आए हो तो इनका ज्ञान होना अति आवश्यक है नहीं तो आप पैसे गवा सकते हो कमाने की तो उम्मीद भूल जाओ | यह कोई सट्टा नहीं है यह स्टॉक मार्केट है इसी के सहारे पूरी दुनिया चलती है चलिए यह बात किसी और आर्टिकल में करेंगे अभी हम ध्यान पूर्ण देखते हैं कि सपोर्ट और रेजिस्टेंस लाइन क्या है | यह कैसे काम करते हैं इन्वेस्टिंग एंड ट्रेडिंग के अंदर आप वैसे अलग-अलग ट्रेडिंग करते होंगे उन सभी में यह काम करता  है |

सपोर्ट लाइन

आपने स्टॉक मार्केट में किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग करते हो तो सपोर्ट लाइन का ज्ञान होना बहुत जरूरी है आपको इसमें इन पॉइंट को देखना होता है |
  • सपोर्ट लाइन कहां से ले
  • इसको कैसे लगाए
  • कितने बिंदुओं पर टच करने चाहिए
  • हमें कब शेयर खरीदना चाहिए
  • इसका प्रयोग कर पैसें बना सकते हैं
support and resistance indicator
support and resistance indicator
 
अब उन्हें एक-एक कर समझते हैं सबसे पहले सपोर्ट लाइन कहां से लें आप कोई – सा भी ब्रोकरेज ऐप खोलो मैं यहां एंजेल वन खोल रहा हूं अब आप किसी भी कंपनी का चार्ट खोलो और इसके राइट साइड टूल्स बार दिखने वाले हैं वहां पर पहले लाइन दिख रही है वहां क्लिक करें वहां से आप होरिजेंटल लाइन या होरिजेंटल रे लाइन का उपयोग कर सकते हो अब देखते हैं इसको कैसे लगाए |आप इस पर क्लिक करें और फिर चार्ट पर प्लस आइकन या वैसा ही निशान दिखेगा उस पर क्लिक करके वहां सेट करें जहां दो या दो से अधिक डॉट मिलते हो अब मार्केट इस लाइन को टच करके ऊपर जाता है तो मार्केट आगे बढ़ेगा यह अनुमान लगाया जाता है हम अब यहा से शेयर खरीद सकते हैं हमें कब शेयर बेचने चाहिए रेजिस्टेंस को टच करके नीचे आता है मार्केट तब आप बेच सकते हो या फिर शॉर्ट सेलिंग कर सकते हो इसका प्रयोग कर आप अच्छा खासा पैसा बना सकते हो |

रेजिस्टेंस लाइन

अब हम समझते हैं कि रेजिस्टेंस लाइन क्या है और कैसे काम करती है ऐसे आपने सपोर्ट लाइन का प्रयोग करना तो सीखा है वैसे ही हमें रेजिस्टेंस लाइन का प्रयोग करना होता है उसे आपने नीचे की साइड में प्रयोग किया अब आप इसे ऊपर की साइड प्रयोग करोगे और वैसे पहले सपोर्ट लाइन में बिंदु को मिलाया वैसे यहां पर भी दो या दों से अधिक बिंदुओं को मिलना होता है रेजिस्टेंस लाइन को टच करके मार्केट नीचे की ओर आता है तो वहां पर आप शॉर्ट सेलिंग करके पैसा बना सकते हो इससे यह पता चलता है कि अब से आगे मार्केट नहीं  जाएगा यहां से  यहां से रिवर्स लेगा | मतलब की यहाँ से वापस आएगा | ऊपर और नीचे दोनों जगह इसी प्रकार से ध्यान रखना होता है |
 

सपोर्ट लाइन को मार्केट तोड़कर आगे निकल जाए तो

जब ऐसा होता है तो हम टूटे हुए सपोर्ट लाइन को रेजिस्टेंस मानेंगे और दूसरी सपोर्ट लाइन बनानी होगी याद रखें यहां पर हम शॉर्ट सेलिंग करके कमा सकते हैं हमने जब सपोर्ट लाइन न्यू बनाई है उसे टच करके वापस ऊपर जाती हैं तो आप खरीद सकते हो |

रेजिस्टेंस लाइन को तोड़कर मार्केट आगे निकलता है तो

जब आप यहां देखते हो कि रेजिस्टेंस लाइन को तोड़कर मार्केट आगे निकल गया है तो आप उस लाइन को सपोर्ट लाइन बनाकर आगे खरीदने का मन बनाना होगा यही पर हम पुराने हाय से एक रजिस्टेंस लाइन बना सकते हैं और फिर वहां से मार्केट गिरने का अनुमान लगाया जा सकता है |

साइकोलॉजी

  • जब सपोर्ट लाइन से पहले ही मार्केट में बदलाव हो सकता है मतलब उससे पहले वह ऊपर उठ सकता है |
  • ऐसे ही रेजिस्टेंस लाइन पर भी काम होता है मार्केट उससे पहले ही वापस गिरने लगता है |
  • मार्केट सपोर्ट लाइन को तोड़कर नया रेजिस्टेंस बनाती है |
  • मार्केट रेजिस्टेंस को तोड़कर नया सपोर्ट बनती है |

निष्कर्ष

इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि आपने सपोर्ट लाइन और रेजिस्टेंस लाइन को अच्छे से बनाना सीख लिया है इसका प्रयोग करके अब आप अच्छा खासा पैसा बना सकते हो परंतु आपको इसकी साइकोलॉजी का भी बहुत ध्यान रखना होता है और हमने यहां पर साइकोलॉजी की भी बात की है उसको भी आपने ध्यानपूर्वक समझा होगा तो अब हम अगले आर्टिकल में आपसे मिलते हैं |

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet किसी प्रकार से निवेश और ट्रेडिंग  की सलाह नहीं देता है यह सिर्फ शिक्षा के पर्पश से आर्टिकल लिखा जाता है | आपको निवेश और ट्रेडिंग  करनी  है तो आप अपने सलाहकार से सलाह ले और फिर अपने जोखिम पर निवेश और ट्रेडिंग  करें |

हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न | साइकोलॉजी

हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न साइकोलॉजी
हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न:- क्या आप स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग व इन्वेस्टिंग करते हैं तो आपको कैंडलस्टिक पैटर्न में हैमर कैंडल का ज्ञान होना ही चाहिए क्योंकि आप एक ट्रेंडर व इन्वेस्टर हो इसलिए यहां कैंडल आपको मार्केट के डॉनट्रेंड में दिखाई देगी यहां पर इसकी बॉडी बहुत कम होगी या फिर होगी ही नहीं और यहां जो इसकी विक है वह दो गुना या तीन गुना अधिक हो सकती है आप इसे इस डायग्राम में अच्छे से समझ सकते हैं |

हैमर पैटर्न की स्थिति

आप देखना चाहते हैं कि हैमर पैटर्न बनता कहा है और दिखता कैसा है मैं आपको इसके बारे में विस्तार से बता देता हूं अब आप इसके साथ ही किसी भी शेयर को साथ खोलो और फिर उस चार्ट में गिरते हुए मार्केट को देखो मतलब की डाउन ट्रेंड देखो आपको कहीं हैमर नजर में आएगा वह कही दिख जाए तो आप समझ लेना कि अब मार्केट अपट्रेंड में है, मतलब कि इसके भाव बढ़ सकते हैं खास तो यह समझना है कि सेलर कमजोर हो गए हैं और अब बायर पावरफुल बन गए हैं वह मार्केट को ऊपर लेकर जाएंगे आपने यहां देखा कि हैमर पैटर्न बॉटम में बनता है | 👉मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न 

उदाहरण एक

इस उदाहरण में मैं टाटा मोटर्स के चार्ट में हैमर पैटर्न देखा है ऐसे ही आप अन्य किसी भी शेयर में इस पैटर्न को देख सकते हो यहां जो कैंडल दिख रहा है इसमें बॉडी कम है और विक इसकी दोगुनी है |
हैमर पैटर्न tata moter
 

उदाहरण दो

अपने जैसे पहले उदाहरण में देखा है वैसे ही इस उदाहरण में भी हम इस पैटर्न को देखने की वापस से कोशिश करते हैं देखो आप इस उदाहरण में भी देख कर समझ सकते हो कि किस प्रकार हैमर पैटर्न बनता है |
हैमर पैटर्न बैंक ऑफ़ बरोडा शेयर में
 
 

लाभ

इस पैटर्न को अच्छे से समझ कर ट्रेडिंग करते हो तो मार्केट के अंदर आपको कहीं गुना लाभ हो सकता है परंतु आपको इसे ध्यान से समझना होगा और फिर ही ट्रेडिंग करनी होगी इसके साथ ही और कहीं सारी जानकारी रखना जरूरी है |

हानि

यहां पैटर्न एक अच्छा पैटर्न तो है ही सही परंतु यह कभी-कभी धोखा भी दे देता है इसलिए इसके साथ और कहीं सारे इंडिकेटर का ध्यान रखना जरूरी है खास कर आप इनका प्रयोग करें जैसे रेजिस्टेंस और सपोर्ट लाइन का प्रयोग करना जरूरी है यहां पर आपको बेहतर रिजल्ट मिलते हैं |

साइकोलॉजी

👉हैमर कैंडल पर पहले विक्रेता कीमत को नीचे लेकर जाते हैं |
 
👉फिर खरीदार आते हैं और कीमत को वापस से ऊपर लेकर जाते हैं इसे हैमर कैंडल के ओपन प्राइज से भी ऊपर बंद कर दिया जाता है |
 
👉यह दर्शाता है कि बुल्स नियंत्रण प्राप्त कर रहे हैं और ट्रेड रिवर्स हो सकता हैं यह इस प्रकार से हमें संकेत देते हैं |
 
👉रिवर्सल की पुष्टि हैमर कैंडल के ऊपर अगले कैंडल के क्लोज होने पर ही की जाएगी |
 

निष्कर्ष

आप यहां पर हैमर कैंडल का प्रयोग करना सीख गए हैं और आप विभिन्न चार्ट के अंदर इन हैमर पैटर्न को देखकर ट्रेडिंग कर सकते हो आपने यहां पर इमेज के थ्रू अच्छे से समझा है और हैमर कैंडल के बारे में आपने जानकारी प्राप्त की है और भी आपको जानकारी चाहिए तो मुझे कमेंट करके जरूर बताएं |

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet द्वारा जो भी आपको जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है वह सिर्फ एजुकेशन परपस से दी गई है यह किसी भी प्रकार की सलाह नहीं माने आप अपने सलाहकार से सलाह जरूर ले उसके बाद ही इन्वेस्टिंग या ट्रेडिंग करें |

ट्रेडिंग और  इन्वेस्टिंग के लिए किस का नॉलेज होना चाहिए 

ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के लिए किस का नॉलेज होना चाहिए

ट्रेडिंग और  इन्वेस्टिंग:- नमस्कार आज की इस दुनिया में आपको इन्वेस्टिंग के बारे में पता होना बहुत जरूरी है परंतु इन्वेस्टिंग के नाम से बहुत लोग डरते हैं| क्यों क्योंकि उन लोगों को रिस्क से डर लगता है कि मेरा पैसा कहीं डूब ना जाए हां यह बात सही है, की स्टॉक मार्केट के अंदर बहुत सारे उतार-चढ़ाव आते हैं परंतु यह गलत है कि आपका पैसा डूब सकता है आप अपने पूरे नॉलेज के साथ इन्वेस्टिंग करोगे तो आपका पैसा कभी नहीं डूबने वाला है| आप एक स्मार्ट इन्वेस्टिंग कर सकते हो परंतु इसके लिए आपको अलग-अलग जगह पर जाकर आपको सिखाना पड़ेगा की स्टॉक मार्केट कैसे काम करता है |

इसके क्या-क्या रूल है हां यह आपको और भी पता होना चाहिए कि यहां पर अलग-अलग रूल लगते हैं आपके यहां पर इसकी भी जानकारी होनी चाहिए |

 जैसे:- 1. फंडामेंटल एनालिसिस   2.टेक्निकल एनालिसिस   और भी बहुत सारी जानकारी होनी बहुत जरूरी है यह जानकारी  आप इकट्ठी करने के बाद आपको अब यह पता होना चाहिए कि आप इन्वेस्ट कहां-कहां कर सकते हो खासकर आप इन्वेस्ट खुद से इक्विटी के अंदर कर सकते हो या फिर  म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हो वह भी व्यवस्थित निवेश योजना के थ्रू जब आपका पैसा वहां पर इन्वेस्ट हो जाएगा तब आपको समय-समय पर देखना है कि कब उतार , चड़ाव  हो रहा है मान लीजिए आपने  इक्विटी के अंदर निवेश किया  यहां पर मार्केट रोजाना ऊपर नीचे होता रहता है तो आपके यहां पर हमेशा दिखेगा कि आपका पैसा कम ज्यादा होता हुआ परंतु ऐसा नहीं है कि म्यूचुअल फंड में भी मार्केट ऊपर नीचे न होता हो वहां पर भी मार्केट ऊपर नीचे होता है और आपके पैसों में परिवर्तन दिखेगा | तो अब हम बात करते हैं कि हमें इन्वेस्टिंग कहां करनी चाहिए और कहां पर सही इन्वेस्टिंग की जगह है  | 

आपके पास अधिक नॉलेज नहीं है तो आप इक्विटी में इन्वेस्ट न करें | आप इन्वेस्ट करना चाहते है तो म्यूचुअल फंड के अंदर इन्वेस्ट कर सकते हो  यहां पर रिक्स  कम रहता है | ट्रेडिंग और  इन्वेस्टिंग करने के लिए किस-किस का नॉलेज होना चाहिए |

आप ट्रेंडिंग या इन्वेस्टिंग करते हैं तो इन इन बातों को बहुत ध्यान में रखना जरूरी है हां इसे ध्यान में ही नहीं रखना  है इसकी आपको जानकारी होना बहुत ज्यादा जरूरी है और इसका नॉलेज तो आपको भरभूपू  होना चाहिए तभी जाकर आप एक सच्चे इन्वेस्टर और ट्रेडर बन सकते हो यह रहे कुछ पॉइंट जो आपको ध्यान रखना हैं |

निष्कर्ष

आपको हमेशा एक बात ध्यान रखती है कि जब भी आप इन्वेस्ट या ट्रेडिंग करो तो उससे पहले आप टेक्निकल एनालिसिस और फंडामेंटल एनालिसिस अच्छे से कर दें और ट्रेडिंग करते समय साइकोलॉजी का बहुत महत्व होता है वहां पर आपकी साइकोलॉजी से आप ऊपर नीचे हो सकते हो तो उस पर आप थोड़ा कंट्रोल रखें |

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet किसी प्रकार से निवेश की सलाह नहीं देता है यह सिर्फ शिक्षा के पर्पश से आर्टिकल लिखा जाता है | आपको निवेश करना है तो आप अपने सलाहकार से रह ले और फिर अपने जोखिम पर निवेश करें |

फंडामेंटल एनालिसिस की पूरी गाइड

फंडामेंटल एनालिसिस की पूरी गाइड

फंडामेंटल एनालिसिस:- आप स्टॉक मार्केट में निवेश या फिर ट्रेडिंग करते हो तो आपको पता होना चाहिए कि फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है | हम फंडामेंटल एनालिसिस का उपयोग कर कैसे एक बेहतरीन ट्रेडिंग कर सकते हैं और एक बेहतरीन इन्वेस्टमेंट कैसे कर सकते हैं फंडामेंटल एनालिसिस के बेस पर……, तो हम यहां पर जानेंगे कि फंडामेंटल क्या होता है? और इसका प्रयोग कैसे करते हैं? हम एक – एक पॉइंट को यहां पर आसान शब्दों में समझेंगे | फंडामेंटल एनालिसिस से हमें यह पता चलता है? कोई कंपनी कैसी है उस कंपनी के ऊपर कितना उदार है और कितना ग्रो कर रही है | यह जानकारी हम देख सकते हैं |

हम यहां पर बात करेंगे इन पॉइंट पर PE Ratio क्या होता है? प्राइस टू बुक वैल्यू ( price to book value)क्या है? Ev to Ebit क्या है ? EV to Ebitda क्या है? Ev to Capital Employed क्या है? Ev to Sales क्या है ?पैक रेसो ( Peg Ratio ),डिविडेंड यील्ड ( Dividend Yield) और तो और इन सब पॉइंट पर हम डिटेल में आगे बात करने वाले हैं और आप बेसिक से लगाकर एडवांस तक फंडामेंटल एनालिसिस आसानी से कर पाओगे क्योंकि यहां पर में आपको आसान भाषा में फंडामेंटल एनालिसिस करना सिखाने वाला हूं | जिससे आपको प्रॉफिट तो होगा ही सही आप एक प्रोफेशनल व्यक्ति बन सकते हो | मैं आसान तरीके से आपको समझने वाला हूं |

वह भी हिंदी में आपको कैसे निवेश करना है इसके बारे में भी हम बात करेंगे और आप जिस ऐप से ट्रेडिंग करते हैं उसी apps में फंडामेंटल एनालिसिस का पूरा डाटा छुपा होता है | उसी डाटा को देखकर हम कैसे अनुमान लगा सकते हैं किस कंपनी के दाम बढ़ने वाले हैं या फिर घटने वाले हैं |यह कंपनी कितना डिविडेंड देती है यह आपको कैसे पता चलेगा और इस कंपनी पर कितना उदार है यानी कि कितने कर्जे में है यह भी आप आसानी से देख पाओगे फंडामेंटल एनालिसिस की मदद से इस कंपनी का सीईओ कौन है ,अभी इस कंपनी को कौन हैंडल कर रहा है ?

इसके बारे में भी आप देख पाओगे अभी इसके पास शेरहोल्डर कौन-कौन है यह भी आप आसानी से देख सकोगे मैं आपको इन चीजों के बारे में आसानी से बताने वाला हूं | प्रमोटर कौन है यह भी आप समझोगे कुल मिलाकर बात करें कि फंडामेंटल एनालिसिस के अंदर आप छोटी-छोटी चीजों को समझेंगे और वह इतनी आसान है कि आपने अभी तक सोचा नहीं होगा आपने उससे अभी तक कठिन माना है परंतु वह इतनी आसान है की आपको समझ मे आजायेगी तो चलिए हम स्टेप बाय स्टेप एक- एक प्वाइंट पर बात करते हैं जो हमें जानना बहुत जरूरी है | आप को यहाँ पर फंडामेंटल एनालिसिस की पूरी गाइड मिलेगी |

बाज़ार आकार - MC-( Market Cap)

चलिए हम मार्केट कैप को समझते हैं क्या है यह मार्केट कैप और इसे हमें क्यों समझना जरूरी है मार्केट कैप का मतलब होता है कि किसी कंपनी को आप कितने रुपए में खरीद सकते हैं या फिर इस कंपनी के पास कितना कैपिटल है या फिर आप यह भी समझ सकते हो कि यह कंपनी कितनी बड़ी है या फिर आपको यह कंपनी खरीदनी है तो आपको इस कंपनी को कितना पैसा देना पड़ेगा तब जाकर इस कंपनी को आप खरीद पाओगे यही है मार्केट कैप 🤗 जितना ज्यादा मार्केट कैप होगा उतनी बड़ी कंपनी होगी | जितना कम मार्केट कैप होगा उतनी छोटी कंपनी होगी मान लीजिए कोई कंपनी 10000 करोड़ की है तो यह कंपनी बहुत बड़ी है और मान लीजिए कोई कंपनी एक हजार करोड़ की है तो यह बहुत छोटी कंपनी है तो हमें निवेश करते समय यह ध्यान रखना है की किस कंपनी का मार्केट कैप कितना है जितना अधिक मार्केट कैप होगा उतनी बड़ी कंपनी होगी | और हमारा निवेश मे जोखिम भी कम रहता है कंपनी छोटी है उसका मार्केट कैप कम है तो उस कंपनी पर हम भरोसा नहीं कर सकते हैं कभी भी डूब सकती है या फिर आगे बढ़ सकती है यहां पर बहुत ज्यादा रिस्क रहता है आप अधिक रिस्क लेना चाहते हैं तो आप कम मार्केट कैप वाली कंपनी में भी निवेश कर सकते हैं आप कम जोखिम लेना चाहते हो तो आप बड़ी कंपनी में निवेश करें |

इक्विटी पर लाभ - ROE ( Return on Equity)

ROE का मतलब कंपनी कितना प्रतिशत रिटर्न कमा रही है यह दिखता है जिस कंपनी का जितना अधिक ROE होगा उतना सही रहेगा इंडिया में अधिकतर 20 से 25% कंपनी रिटर्न देती है कोई कंपनी कम भी रिटर्न देती हैं जैसे:- 8 से 10% यह कंपनी भी सही है जितना अधिक ROE है उतनी सही कंपनी है ROE अधिक होना चाहिए 20% से ऊपर तो होना चाहिए |

प्रति शेयर आय - EPS ( Earnings Per Share)

EPS हमें यह बताता है कि कंपनी प्रति शेयर कितना कमा रही है जितना अधिक काम आएगी उतना हमारे लिए सही रहेगा जितना EPS अधिक होगा उतना सही रहेगा 100+ तो होना ही चाहिए |

मूल्य - आय अनुपात - P/E Ratio (TTM) (Price to Earnings)

P/E का मतलब होता है कि आपको एक रुपया कमाने के लिए कितने रुपए निवेश करने पड़ेंगे मान की किसी कंपनी का P/E Ratio ₹100 है तो आपको ₹1 कमाने के लिए कंपनी को ₹100 देने पड़ेंगे जितना कम P/E Ratio होगा उतना सही रहेगा |

भाग प्रतिफल -DY-(Dividend Yield)

कंपनी अपने लाभ में से अपने निवेशकों को जितना प्रतिशत पैसा दे रही है यही है डिविडेंड यील्ड जितना अधिक डिविडेंड यील्ड  होगा  | उतना फायदा है डिविडेंड यील्ड को और समझते हैं | कंपनी जितना लाभ कमाती  है उसमें से अपने निवेशकों को कितना पैसा दे रही है यही है डिविडेंड यील्ड….
डिविडेंड वही कंपनी देती है जो आज एक सही मुकाम पर है यह भी हो सकता है कि कंपनी जितना कमा रही है | वह अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने में भी लगा सकती है वह कंपनी आज सही जगह पर है इसलिए वह डिविडेंड दे रहे हैं | आपको यहां पर प्रति शेयर पर डिविडेंड मिलता है |

बुक वैल्यू -( Book Value)

कंपनी आज किसी कारण से बंद हो जाती हैं तो आपको प्रति शेयर कितना रुपया मिलेगा यही बताता है बुक वैल्यू.. .
आपके लिए उतना फायदा है जितना अधिक बुक वैल्यू होगा उतना फायदा…, आपको देखना है कि बुक वैल्यू कितना है |

प्राइस-टू-बुक-P/B Ratio-(Price to Book Ratio)

कोई कंपनी आज बंद हो जाती है और आपको एक रुपया लेना है तो आपका कंपनी में कितना रुपया निवेश होना चाहिए | यही होता है P / B Ratio.आपको देखना है कि P/B Ratio कम होना चाहिए यह 1 व 2 के मध्य होना चाहिए यह सही रहेगा |

इक्विटी को ऋण-(Debt To Equity)

आप किसी भी कंपनी में निवेश कर रहे हैं तो डेट (debt) कम(debt) होना चाहिए | एक कंपनी दो तरह से डेट ले सकती है पहले तो किसी से कर्ज लेले या अपने इक्विटी देदे मतलब एक ही कंपनी के अधिक मालिक हो चाहे कंपनी के अधिक मालिक भी सही नहीं है | कंपनी के ऊपर अधिक कर्ज भी नहीं होना चाहिए जितना कम डेट होगा उतना सही रहता है और समझते हैं |
कंपनी को ₹1 इक्विटी पर कितना कर्ज लिया है उसे डेट कहते हैं डेप्ट एक से कम होना चाहिए |

आंतरिक मूल्य- (Intrinsic Value)

इंट्रिन्सिक वैल्यू से हम यह समझते हैं कि कोई शेयर महंगा  है या सस्ता है इंट्रिन्सिक वैल्यूअधिक है और प्राइस कम है तो वह अभी सस्ता मिल रहा है इंट्रिन्सिक वैल्यू कम है तो अभी शेयर प्राइस अधिक है |

निष्कर्ष

अपने यहां फंडामेंटल एनालिसिस की पूरी गाइड स्टेप बाय स्टेप प्राप्त की है आपको और भी फंडामेंटल रिलेटेड की जानकारी चाहिए तो मुझे कमेंट कर सकते हैं परंतु बात हम यह करते हैं कि यहां पर इसका निष्कर्ष क्या निकलता है तो आपने  यहां पर फंडामेंटल को स्टेप बाय स्टेप समझा है एक निवेशक को जितनी जानकारी पता होनी चाहिए वह यहां से ले सकता है एक बिगनर यानी की पहली बार कोई फंडामेंटल एनालिसिस कर रहा है तो यहां से आसानी से सीख सकता है वह भी सिंपल लैंग्वेज के अंदर मतलब की आसान भाषा में तो यहां पर सभी पॉइंट मैं आसान भाषा में बताने की कोशिश की है जो कि आपको समझ में आए होंगे |

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet किसी प्रकार से निवेश की सलाह नहीं देता है यह सिर्फ शिक्षा के पर्पश से आर्टिकल लिखा जाता है | आपको निवेश करना है तो आप अपने सलाहकार से रह ले और फिर अपने जोखिम पर निवेश करें |
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