रूल ऑफ़ 72 (rule of 72) से जाने आपका पैसा कब होगा डबल

रूल ऑफ़ 72 (rule of 72) से जाने आपका पैसा कब होगा डबल

Rule of 72:- हमें यह सब पता होना जरूरी है कि रूल ऑफ 72 काम कैसे करता है आप इसे अपनी इन्वेस्टिंग जर्नी में कैसे उपयोग कर सकते हैं इस रूल को विस्तार से समझने वाले हैं कि आपका पैसा कब और कितने वर्ष में डबल होगा |आपको कितना प्रतिशत ब्याज मिलेगा तब आपका पैसा किसी एक समय के बाद डबल हो सकता है और भी बहुत सारे बिंदु पर हम चर्चा करने वाले है |

रूल ऑफ़ 72 क्या है 

यह एक ऐसा जादूई फार्मूला है जो यह बताता है कि आपका पैसा कब डबल होगा किस वर्ष में जाकर आपका पैसा डबल दिखेगा अपने एफडी अकाउंट खुलवाया है या आरडी अकाउंट कौन – सा भी अकाउंट खुलवाया हो ! आपका पैसा कब डबल होगा इन अकाउंट में जो पैसा जमा करवाया है और फिर उस पर मिलने वाले ब्याज पर निर्भर करता है | हम एक उदाहरण से समझते हैं |

उदाहरण :-अपने आरडी अकाउंट में हजार रुपए जमा करवाए और इस पर 6% ब्याज मिलता है तो यह पैसा कितने समय बाद डबल होगा ? 👉आपके हजार रुपये ₹2000 12 वर्ष बाद बनेगे |
सूत्र = 72 / मिलने वाला ब्याज %

रूल ऑफ़ 72 कैसे काम करता है 

मेरी नजर से तो यह नियम बहुत बढ़िया है क्योंकि इससे यह पता चल जाता है कि आपका पैसा कब डबल होगा | यह एक आसान सूत्र पर कार्य करता है आप इससे वार्षिक ब्याज का भी पता लगा सकते हो यह नियम कैसे काम करता है यह हम जानने वाले हैं आप किसी बैंक में FD व RD करवाते हो तो आपको एक निश्चित ब्याज मिलता है मान लो बैंक आपको 6% ब्याज देती हैं हजार रुपए पर तो आपका पैसा कब डबल होगा आप इसे इस प्रकार पता कर सकते हैं हो 72 में जो ब्याज मिल रहा है उसका भाग लगाओ यहां पर आपको 6% ब्याज मिल रहा है तो अब आपका पैसा 12 वर्ष बाद डबल होगा आप देखना चाहते हो की 12 वर्ष में आपको कितना ब्याज प्रतिशत मिलेगा यह पता करने के लिए 72 में 12 का भाग लगाओ | यहां पर आपके पास 6% निकाल कर आएगा | 
कितने वर्ष में डबल होगा पैसा =72 / प्रतिशत ब्याज 
प्रतिशत ब्याज = 72 / कितने वर्ष में डबल होगा

रूल ऑफ़ 72 इन्वेस्टिंग में कैसे काम करता है

आप भारत या विश्व के अंदर बहुत सारे इन्वेस्टर हैं जो मार्केट में कुछ न कुछ पैसा इन्वेस्ट करते हैं बहुत सारी जानकारी के साथ एक इन्वेस्टर को यह भी पता होना चाहिए की 72 रूल क्या है और कैसे काम करता है देखो अपने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट किया है तो आपको यहां कोई फिक्स ब्याज नहीं मिलेगा यह कम -ज्यादा होता रहता है क्या पता आपका पैसा कब डबल हो जाए 72 रूल यह बताता है कि आपका एक फिक्स ब्याज पर पैसा कब डबल होगा | मान लो आपको स्टॉक मार्केट में 12% का ब्याज मिल रहा है जो पैसे अपने इन्वेस्ट किए हैं उस पर तो आपका पैसा 6 वर्ष में डबल हो जाएगा आपने कितनी भी धनराशि निवेश (इन्वेस्ट) की हो आपका पैसा डबल जरूर होगा | 72 रूल इन्वेस्टिंग में इसी प्रकार काम करता है |

SIP में 72 रूल कैसे काम करता है 

यह रूल जैसे इन्वेस्टिंग में काम करता है वैसे SIP के साथ भी काम करता है यह एक अच्छा रूल है जो SIP निवेशक के लिए भी काम करता है |

रूल ऑफ़ 72 FD में कैसे काम करता है

मैंने ऊपर बताया है वैसे पर एक बार और आसानी से समझने की पुन: कोशिश करता हूं यशोदा जो हर महीने अपने FD अकाउंट में हजार रुपए जमा करती है यह ऐसे ही 60 महीनों तक जमा करती हैं उसके बाद यह इसे आगे बढ़ाने के लिए सोचती है और बढ़ा भी देती है परंतु खास बात तो यह है कि यशोदा के पैसे कब डबल होंगे इसे सालाना ब्याज 7% मिलता है तो ऊपर बताएं नियम से ही हम निकालते हैं कि पैसा कब डबल होगा | यह यशोदा सोचती है कि पैसे कब डबल होंगे इसके दिमाग में धीरे से एक विचार आता है और कहती है 72 रूल……..अब यह इसका उपयोग करती हैं और यह निकालती है, 10.28 वर्ष (लगभग) मे पैसा डबल हो जाएगा | अब वह खुश है, FD में भी यह नियम कुछ इसी प्रकार काम करता है |

रूल ऑफ़ 72 RD में कैसे काम करता है

यशोदा ने 60 महीने से भी अधिक समय तक FD में पैसे जमा किये परंतु वह 60 महीने में जो पैसा जमा किया वही पैसा RD में जमा करती हैं अब इसने RD में ₹12000 जमा किए हैं इन पैसों पर सालाना 6% ब्याज मिलता है इसके ये पैसे कब डबल होंगे ,इसके यह ₹12000 से ₹24 000 12 वर्ष बाद डबल होंगे | तो इस प्रकार से यशोदा के पैसे डबल हुए | यहां इस नियम को अच्छे से उपयोग करना जानती थी RD में भी रूल ऑफ 72 ऐसे ही काम करता है इसका उपयोग आप घर से कर सकते हो | 

PPF में 72 रूल

रूल ऑफ़ 72 अच्छा नियम है पैसे डबल कब होगा पता करने के लिए तो अपने ऊपर देखा कि पैसे कैसे डबल हो रहा था और कितने वर्ष में हो रहा था यहां सब आपने देखा परंतु अब PPF में आप निवेश करते हो तो आपका पैसा कब डबल होगा परन्तु इससे पहले आप यह जान लो कि यहां PPF निवेश क्या है यह एक गवर्नमेंट निवेश फंड है यहां आप साल भर में अधिक से अधिक एक लाख से ऊपर रुपये जमा कर सकते हो परंतु आप साल में कम से कम हजार रुपए तो एक बार जमा करना जरुरी हैं | इसमें आपको 9% तक सालाना ब्याज मिल सकता है अब आप देख सकते हो कि आपका पैसा कब डबल होगा ऊपर बताया वैसे ही उस नियम का उपयोग कर करें |

क्या रूल ऑफ 72 सही है

रूल ऑफ़ 72 अच्छा नियम है पैसे डबल कब होगा पता करने के लिए तो अपने ऊपर देखा कि पैसे कैसे डबल हो रहा था और कितने वर्ष में हो रहा था यहां सब आपने देखा परंतु अब PPF में आप निवेश करते हो तो आपका पैसा कब डबल होगा परन्तु इससे पहले आप यह जान लो कि यहां PPF निवेश क्या है यह एक गवर्नमेंट निवेश फंड है यहां आप साल भर में अधिक से अधिक एक लाख से ऊपर रुपये जमा कर सकते हो परंतु आप साल में कम से कम हजार रुपए तो एक बार जमा करना जरुरी हैं | इसमें आपको 9% तक सालाना ब्याज मिल सकता है अब आप देख सकते हो कि आपका पैसा कब डबल होगा ऊपर बताया वैसे ही उस नियम का उपयोग कर करें |

मेरा पैसा कब डबल होगा

अपने RD , FD या फिर अन्य जगह निवेश कर रहे हो और सोच रहे हो कि मेरा पैसा कब डबल होगा तो मैं आपको बता देता हूं कि आपका पैसा कब डबल होगा | सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि सालाना कितने प्रतिशत ब्याज मिल रहा है जितना भी प्रतिशत आपको ब्याज मिल रहा है, 72 में प्रतिशत ब्याज का भाग लगा दो आपको आपका उत्तर मिल जाएगा| मैं मान लेता हूं कि 6% सालाना ब्याज मिल रहा है तो इसे इसी प्रकार करेंगें | 72 / 6% =12 वर्ष में आपका पैसा डबल होगा आपने कोई भी धन राशि जमा की हो वह डबल हो जाएगी |

रूल ऑफ़ 72 का लाभ

72 रूल से हमें यह लाभ है कि इससे यह पता चल जाता है कि आपका पैसा कब डबल होने वाला है जहां पर फिक्स ब्याज मिलता है वहां पर एकदम सही कार्य करता है वैसे ऐसा नहीं है जहां फिक्स ब्याज नहीं मिलता है वहां सही काम नहीं करता है वहां पर भी यह नियम सही से कार्य करता है |

रूल ऑफ़ 72 की हानि

72 रूल से हमें इन्वेस्टिंग में एक फिक्स जानकारी नहीं मिलती है क्योंकि यहां पर फिक्स ब्याज नहीं मिलता है ऐसा नहीं है कि यह काम नहीं करता है यह काम करता है परंतु जहां ब्याज ऊपर – नीचे होता है वहां पर यह सही से काम नहीं करता है वैसे यह भी इन्वेस्टिंग में अच्छे से काम करता है परंतु जब मार्केट ऊपर नीचे होता है और कम – ज्यादा ब्याज मिलता है वहां पर थोड़ी सी हमें दिक्कत आती है परन्तु इसको कैलकुलेट करने में तो यह नियम एकदम सही काम करता है |

निष्कर्ष

यहां पर अपने जाना की रूल ऑफ 72 काम कैसे करता है यह FD,RD में कैसे काम करता है इसके बारे में समझा और देखा कि इन्वेस्टिंग में कैसे काम करता है और तो और आपने यह भी जाना कि इसका लाभ और हानि के बारे में परंतु आपने देखा कि यह कार्य कैसे करता है वह भी उदाहरण से समझा है आपने यहां पर और भी बहुत सारी जानकारी प्राप्त कि रूल ऑफ 72 से रिलेटेड तो यह नियम बताता है कि आपका पैसा कब डबल हो सकता है | 

डिस्क्लेमर

Your Finance Planet किसी प्रकार से निवेश की सलाह नहीं देता है यह सिर्फ शिक्षा के पर्पश से आर्टिकल लिखा जाता है | आपको निवेश करना है तो आप अपने सलाहकार से रह ले और फिर अपने जोखिम पर निवेश करें |

मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न

मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न

मॉर्निंग स्टार कैंडलेस्टिक पेटर्न  ( Morning Star Candlestick Pattern ) मार्केट में जब दिखता है जब मार्केट में गिरावट चल रही हो यह पैटर्न गिरते हुए मार्केट में ही देखने को मिलता है इससे व्यापारी अच्छे से उपयोग करते हैं और अच्छा पैसा बनाते हैं यह तीन कैंडलेस्टिक पेटर्न से  मिलकर बनी होती है जिसे पहले कैंडल झुकाव  को दिखाता है दूसरी कैंडल डोजी होती है वह एक संकेत देती है की मार्केट अब किधर जा सकता है और यह तीसरी कैंडल ऊपर की प्रवृत्ति को दिखाती है मतलब कि यह बढ़ते हुए मार्केट को दिखाती है या किसी एक कंपनी के शयेर के भाव को बढ़ते हुए दिखाती है | 👉हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न |  साइकोलॉजी 

मॉर्निंग स्टार कैंडल

मॉर्निंग स्टार कैंडल का उपयोग अधिक तहर ट्रेडर करते हैं यह कैंडल डाउन ट्रेड में बनता है और फिर यहां से मार्केट ऊपर की ओर जाता है मतलब हम यह कह सकते हैं कि अब मार्केट अपट्रेंड में है और यहां से आगे बढ़ सकता है यहां पर जो कैंडल दिखती है उसमें से पहला कैंडल रेड यानी कि लाल होता है तीसरा कैंडल हरा होता है इसके मध्य वाला यानी दूसरा कैंडल लाल या हारा हो सकता है |

मॉर्निंग स्टार कैंडल की बॉडी

देखो इससे काम नहीं चलेगा कि कैंडल कहां बन रहा है और कैसा बन रहा है यहां आपको इसकी बॉडी का भी ध्यान रखना इतना ही जरूरी है जितना कि इन कैंडल को देखना हम कैंडल के मध्य वाले भाग को बॉडी कहते हैं यहां पर पहली कैंडल की बॉडी भी अलग दिखेगी और दूसरी कैंडल की भी बॉडी अलग दिखेगी और हां यहां तीसरी कैंडल  की भी बॉडी अलग दिखेगी | पहले  बनने वाली  कैंडल की बॉडी कुछ बड़ी होती हैं और दूसरी कैंडल की बॉडी कुछ छोटी होती है और तीसरी कैंडल की बॉडी कुछ बड़ी होती है इसे आप इस चित्र मे अच्छे से देख सकते हो |
 
stock market - candles - body
 

मॉर्निंग स्टार कैंडल की विक

आपको मॉर्निंग स्टार कैंडल की बॉडी के बारे में विस्तार से जानकारी मिल गई है अब हम बॉडी की विक पर बात करेंगे थोड़ा ध्यान दें और सोचें कि विक बनती कहां है और कैसी दिखती है आपने कैंडल की बॉडी देखी है ना उस बॉडी के ऊपर और नीचे आपको पतली – पतली रेखाएं दिखेगी वही कैंडल की विक होती है आप चित्र में अधिक समझ सकते हैं | 

morning star pattern - विक

मॉर्निंग स्टार कैंडल कहा बनता है

आपने इतना सब कुछ जान लिया है तो हम इसे भी छोड़ नहीं सकते हैं इसे भी जानना जरूरी है हमने सब देख लिया और यह नहीं पता कि मॉर्निंग स्टार कैंडल दिखता कहां है तो दिक्कत हो जाएगी तो चलिए जानते हैं कि यह कहां दिखेगा | यह मार्केट के डाउन ट्रेंड में दिखेगा यह कैंडल किसी भी रंग की हो सकती है लाल और हरा  में से , तो आप इस चार्ट को देखकर समझ सकते हैं नहीं तो आप एंजेल वन या दिए गए किसी भी ब्रोकर के ऐप से यह जानकारी ले सकते हैं और उसे अच्छे से समझ सकते हैं | 
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मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न ( Morning Star Candlestick Pattern )
 

मॉर्निंग स्टार कैंडल को क्यों उपयोग करें

आप एक व्यापारी हैं तो मॉर्निंग स्टार कैंडल का उपयोग तो करना ही  पड़ता है कहीं ना कहीं क्योंकि हम एक लाभ कमाने के लिए इस कैंडल का उपयोग करते हैं गिरते मार्केट के बाद यह डाउन ट्रेंड  में दिखता है और उसके बाद मार्केट ऊपर की ओर उठता है और इसके बाद हम लाभ कमा सकते हैं इसलिए इस मॉर्निंग स्टार कैंडल का उपयोग करते हैं |

मॉर्निंग स्टार कैंडल से कैसे एंट्री करें करें

आपने मॉर्निंग स्टार कैंडल को अच्छे से समझ लिया है अब आपकी  बारी है कि आपको कहां से  शेयर खरीदने हैं और कैसे एंट्री ले मार्केट में यह जानना  अति महत्वपूर्ण है यहां पर तीन कैंडल होती हैं और यह डाउन ट्रेड में बनती है और यह हम देखते हैं कि मॉर्निंग स्टार कैंडल को और वहीं से सोचते  हैं की एंट्री लेनी है या नहीं आप इस तीसरी कैंडल के ऊपर विक की जगह से एंट्री ले सकते हैं जैसे आपको बताया गया है चार्ट  मे ..
मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न ( Morning Star Candlestick Pattern )
तो आपने अब एंट्री लेना भी सीख लिया है मतलब कि आप  शेयर खरीदना सीख गए हो अब , इसके बाद आप शेयर  खरीद सकते हैं |  आप मॉर्निंग स्टार कैंडल से कुछ इसी प्रकार से एंट्री ले सकते हैं |
 

स्टॉप लॉस कहां लगाएं

आपको एंट्री का ही नहीं आपको स्टॉप लॉस भी पता होना जरूरी है और इसे कहा लगाया जाता है इसका ज्ञान होना भी जरूरी है | इसका उपयोग इसलिए करना पड़ता है क्योंकि हम लॉस कम से कम कर सके या लॉस से बच सके कुल मिलाकर हम यह कर सकते हैं कि यह एक सुरक्षा रेखा है इसका हमें  उपयोग करना बहुत जरूरी है |  इसे आपऊपर दिखाए चार्ट  में देख सकते हो  | 
 

मॉर्निंग स्टार कैंडल के पीछे की साइकोलॉजी

सब सीखने के बाद आपको यह जानना भी जरूरी है कि मॉर्निंग स्टार कैंडल के पीछे कौन- सी साइकोलॉजी काम करती है यह हमें पहली   कैंडल लाल रंग की दिखाई देती है यह दिखाती है कि यहां बेयर्स नियंत्रण में है और इसकी दूसरी कैंडल दोजी होती है इसका कलर कोई-सा भी हो सकता है लाल, हरा यह बाजार के अनिर्णय  को दर्शाती है तीसरी कैंडल हरे रंग की होती है और यहां दिखाती है कि बुल्स  नियंत्रण प्राप्त कर रहे हैं और डाउन ट्रेंड  अपट्रेंड में  बदल सकता है यह समझ सकते हैं कि यहां से मार्केट में शेयर के दाम बढ़ सकते  है यह कैंडल  दिखाता है | 👉हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न |  साइकोलॉजी  
 

डिस्क्लेमर

यहाँ पर जितनी  भी जानकारी दी गई हैं | वह सिर्फ फाइनेंस शिक्षा को बढ़ावा देना हैं | यहाँ पर योर फाइनेंस प्लेनेट ( Your Finance Planet ) इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग ऐसी किसी भी प्रकार की सलाह नहीं देता हैं | आप अपने सलाहकार से सलाह जरूर ले फिर अपने जोखिम पर निवेश करे | 
 

निष्कर्ष

यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आपको क्या सीखने को मिला मैं बता देता हूं कि आपको क्या सीखने को मिला यहां पर आप सीखे की मॉर्निंग स्टार क्या है और कैसे कार्य करता है इससे हमें कैसे फायदा हो सकता है यह हमें कहां दिखता  है और इन सब बिंदुओं पर बात की और आपने  यहां से  कुछ नया सीखने को मिला होगा | सीखो और  आप  हमेशा आगे बढ़ते रहो |
 

प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1.मॉर्निंग स्टार चार्ट क्या है? 
उत्तर:-यह एक कैंडलस्टिक चार्ट के मध्य बनने वाला एक  मॉर्निंग स्टार पैर्टन  है | यह ये दिखाता है की यहाँ से मार्केट में शेयर की प्राइस बढेगी |  
प्रश्न 2.कौन-सी कैंडलस्टिक खरीदने का संकेत देती है| बताओ ?
उत्तर:- मॉर्निंग स्टार एक ऐसी कैंडलस्टिक पैर्टन  है ,जो दिखाता है की यहाँ से शेयर की  प्राइस बडेगी यही दिखाती है की अब खरीदने का संकेत है | 
प्रश्न 3.शेयर बाजार में कैंडल चार्ट कैसे पढ़ें?
उत्तर:- शेयर बाजार में कैंडल चार्ट को पढ़ने अलग – अलग  ब्रोकर्स का उपयोग करके सीख सकते हो और तो और   पेपर ट्रेडिंग से सीखना और आसान है |  
प्रश्न 4.सबसे सफल चार्ट पैटर्न कौन-सा है?
उत्तर:- देखो सभी चार्ट पैर्टन  का अलग कार्य होता है ,पर अधिकतर  ट्रेडर उपयोग में लेते है उस चार्ट का नाम कैंडलस्टिक चार्ट पैर्टन हैं  | 
प्रश्न 5.कुल कितने चार्टर हैं?
उत्तर:- मार्केट में देखा जाए तो कुल 42 चार्ट पैर्टन की जानकारी मिली है | ( कुल 42 ) 
प्रश्न 6.ट्रेडिंग के लिए कौन-सा चार्ट सबसे अच्छा है?
उत्तर:-  ट्रेडिंग में अधिकतर प्रयोग होने वाला चार्ट कैंडलस्टिक चार्ट पैर्टन है , जिसका प्रयोग ट्रेडर अधिक करते है इसके साथ-साथ  अन्य चार्ट का भी प्रयोग होता है |
 

 

ईटीएफ ( ETF) क्या है | ETF की सम्पूर्ण जानकारी | What is ETF

ईटीएफ ( ETF) क्या है ETF की सम्पूर्ण जानकारी What is ETF

ईटीएफ ( ETF) के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है | आप स्टॉक मार्केट में दिलचस्पी लेते हो तो यहां भी जोखिम भरा होता है पर इतना नहीं जितना स्टॉक मार्केट में शेयर होते हैं | ईटीएफ ( ETF)के माध्यम से आप इंडिया की टॉप कंपनी में इन्वेस्टमेंट कर सकते हो वह भी कम पैसों से भी ईटीएफ ( ETF) में इन्वेस्टमेंट कर सकते हो ईटीएफ ( ETF) को हम एक्सेस ट्रेडिंग फंड से भी जानते हैं । यहां स्टॉक एक्सचेंज साधारण स्टॉक के जैसे कार्य करता है। आप ईटीएफ ( ETF) को स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते हो जैसे एनएससी( NSE) बीएससी(BSE) से आप कम लागत में एक साथ कहीं सारी कंपनियों में निवेश कर स्टॉक या बॉन्ड के विविध एक अच्छा पोर्टफोलियो बना सकते हो ।

आप ईटीएफ ( ETF) को एक ही लाइन में समझाना चाहते हो तो आप यह समझे “ईटीएफ ( ETF) एक प्रकार का निवेश है | जिसे स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदा और बेचा जाता है इसे ही ईटीएफ ( ETF) कहते हैं।

ईटीएफ ( ETF) की फुल फॉर्म

ईटीएफ ( ETF) की फुल फॉर्म पता होना बहुत जरूरी है आप एक स्टॉक मार्केट में निवेदक हो तो आपको कोई भी ETF की फुल फॉर्म पूछ ले तो क्या करोगे । आप इसे हिंदी में मुद्रा कारोबार कोष के नाम से जानते हो इसकी फुल फॉर्म (इंग्लिश) एक्सेस ट्रेडिंग फंड ( Exchange Traded Funds) है।

ईटीएफ ( ETF) कितने प्रकार के होते हैं

ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना है तो ईटीएफ ( ETF) की जानकारी तो होनी जरूरी है । यह भी पता होना चाहिए कि ईटीएफ ( ETF) कितने प्रकार के हैं । किन – किन भागों में बांटे गए हैं । मेरा तो मानना है कि कोई  व्यक्ति  ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना चाहता है | तो उसे ईटीएफ ( ETF) से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी होनी  जरूरी है । फिलहाल ETF के नौ प्रकार हैं जिसके नाम में यहां पर दे रहा हूं ।

  1. इक्विटी ईटीफ ( equity etf)
  2. निवेश ग्रेड ईटीफ (investment grade etf )
  3. सेक्टरल ईटीफ (Sectoral etf )
  4. कमोडिटी ईटीफ (Commodity etf)
  5. फिक्स्ड इनकम ईटीफ(fixed income etf )
  6. रियल स्टेट ईटीफ(real estate etf )
  7. मल्टी असेट्स ईटीफ(Multi Assets etf )
  8. वैकल्पिक ईटीफ(alternative etf )
  9. मुद्रा ईटीएफ  ( Currency etf  )

इनकी विस्तार से जानकारी में दूसरे आर्टिकल में लिख रहा हूं | आप वहां से जरूर पढ़ लें आपको अधिक समझ में आएगा यह सब ईटीफ( ETF) काम कैसे करते हैं।

ईटीएफ ( ETF) से लाभ

आप निवेश करना चाहते हो तो ईटीएफ ( ETF) एक अच्छा विकल्प हो सकता है । क्योंकि ईटीएफ ( ETF) में जोखिम कम होता है ,कम इस लिए होता है। क्योंकि एक ETF में बहुत सारी कंपनिया आती है । आपका पैसा उन सभी कंपनियों में लगेगा जो इस ईटीएफ ( ETF) में है । मान लो एक ईटीएफ ( ETF) में 20 कंपनियां है । तो आपके 100 रुपये  भी इन सभी 20 कंपनियों में निवेश होगा । फिर क्या आपको एक अच्छा लाभ होगा। मतलब कि आप अच्छा पैसा बना सकते हो इस लिए ईटीएफ ( ETF)  एक अच्छा निवेश साधन है | ईटीएफ ( ETF) के कुछ लाभ या बता रहा हूं।

  1. पैसों का जोखिम बहुत कम होगा |
  2. एक साथ कहीं सारी कंपनियों में निवेश कर सकते हो |
  3. कम समय में अधिक पैसा कमा सकते हो |
  4. लंबे समय निवेश करने पर आप अच्छा पैसा कमा सकते हो |

और भी कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं जब आप निवेश करोगे तब समझ आएगा ।

ईटीएफ ( ETF) कब खरीदे

दिन के दौरान स्टॉक मार्केट खुला रहता है । आप कभी भी ईटीएफ ( ETF) खरीद सकते हो। कुछ इंडिकेटर को लगाकर और उन्हें समझ कर ईटीएफ ( ETF) खरीद सकते हो मेरा ईटीएफ ( ETF) खरीदने का तरीका यह है , कि जब स्टॉक मार्केट गिर रहा हो तो मैं ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना सही समझता हूं | मार्केट नीचे आने पर में ETF खरीदता हूं। आपको ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना है तो ये कुछ दलाल (broker ) के लिंक दे रहा हूँ यहाँ से अपना अकाउंट खुलवा दे | 

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ईटीएफ ( ETF) में निवेश कैसे करे

ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना आसान है | आप किसी भी ऑनलाइन ब्रोकर से  अपना अकाउंट खुलवा सकते हो । वह भी घर बैठे और फिर आप ईटीएफ ( ETF) में निवेश कर सकते हो | आप एंजेल वन, फाइव पैसा, ग्रो, इन में आप अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं । और फिर ईटीएफ ( ETF) में निवेश कर सकते हो ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना बहुत आसान है। जब स्टॉक मार्केट गिर रहा हो तो आप ईटीएफ ( ETF) में निवेश कर सकते हो और अच्छा रिटर्न बना सकते हो ।

निफ्टी ईटीएफ (Nifty ETF) कैसे खरीदे 

Nifty ETF खरीदना कोई बड़ी बात नहीं है | वैसे आपने कभी तो स्टॉक मार्केट में शेयर तो खरीदे होगे | इस प्रकार से तो ईटीएफ ( ETF) खरीद रहते है| जब स्टॉक मार्केट खुला हो तो आप इसे खरीद और बेच सकते हो | जो मैं आपको स्टेप बता रहा हूं | उसका उपयोग करके आप निफ्टी ईटीएफ (Nifty ETF) आसानी से खरीद पाओगे | सबसे पहले अपना डिमैट अकाउंट खोलो किसी भी ब्रोकर से खुलवा सकते हो फिर आप सर्च बॉक्स में जाओ और वहां पर निफ्टी ईटीएफ (Nifty ETF) लिखो | फिर बाय ( Buy ) बटन पर दबावे आप यहां जितने शेयर खरीदना चाहते हो डालो | फिर प्लेस बाय ऑर्डर ( place Buy Order )पर क्लिक करो | अब आपके अकाउंट में वह शेयर आ जाएंगे | इस प्रकार से ईटीएफ ( ETF) खरीद सकते हैं ।

भारत में कितने ईटीएफ ( ETF) है

भारत में कितने ईटीएफ ( ETF) है | यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है | क्योंकि आप एक निवेशक हो इसलिए यह जानकारी होनी ही चाहिए | मेने सभी जगह पता करने के बाद पता चला है | कि भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE ) में 150 ईटीएफ ( ETF) की सूची प्राप्त हुई है | क्या 150 ईटीएफ ( ETF) की जानकारी चाहिए तो कमेंट करें । और जानकारी के लिए यहाँ दबाये 👉 NSE

क्या ईटीएफ ( ETF) सुरक्षित है

ईटीएफ ( ETF) सुरक्षित फंड होता है | परंतु हम पूरी तरह यह नहीं कह सकते हैं ,कि ईटीएफ ( ETF) 100% सुरक्षित है यह एक स्टॉक मार्केट का ही हिस्सा है | इसमें उतार – चढाव होते हैं, नहीं ईटीएफ ( ETF)सुरक्षित है , और नहीं स्टॉक मार्केट में शेयर ,जोखिम तो हर जगह होता है | स्टॉक मार्केट में आप शेयर खरीदोगे तो जोखिम अधिक रहता है | आप ईटीएफ ( ETF) की ओर नजर घूमते हैं और उसे खरीदने का निर्णय लेते हो तो यह एक कम जोखिम वाला निवेश बन सकता है | ईटीएफ ( ETF) में कम जोखिम होता है | परंतु जोखिम तो होता है ।

बेस्ट गोल्ड ईटीएफ ( ETF) कौन – से हैं

बेस्ट गोल्ड ईटीएफ ( ETF) का क्या मतलब है आप इससे क्या समझते हैं | यही ना कि आपको अच्छा रिटर्न दे रहा है, या नहीं देखा आप भी सही सोच रहे हो पर मैं बता देना चाहता हूं, कि बेस्ट गोल्ड ईटीएफ ( ETF) कब हो सकते हैं आपको उसमें वॉल्यूम देखना होगा उसमें होने वाले उतार-चढ़ा भी देखते होंगे और फिर कहीं सारे बिंदुओं को ध्यान में रखना पड़ता है । गोल्ड ईटीएफ ( ETF)  से जुड़ी और जानकारी चाहिए तो लिंक पर क्लिक करके पूरी जानकारी ले कुछ बेस्ट गोल्ड एटीएम यहां दे रहा हूं ।👉 और जानकारी के लिए यहाँ दबाओ | 

  1. Axis Gold ETF
  2. HDFC Gold ETF
  3. Invesco India Gold ETF
  4. SBI Gold ETF
  5. UTI – Gold Exchange Traded Fund
  6. Kotak Gold ETF
  7. Nippon India ETF Gold Bees

इन सभी की आपको और भी अधिक जानकारी चाहिए तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( NSE ) की वेबसाइट पर जाकर पता कर सकते हो ।👉 Gold – ETF 

शेयर बाजार में ईटीएफ(ETF) क्या है

देखो आप शेयर बाजार में निवेश करते हो तो आपके यह पता होना बहुत जरूरी है कि शेयर बाजार में ईटीएफ ( ETF) क्या है | इसकी फुल फॉर्म होती है एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड (Exchange Traded Fund) होता है यह शेयर बाजार में एक निवेश का अच्छा तरीका है | ईटीएफ ( ETF) में निवेश करके अच्छा पैसा कमा सकते हो इसकी लागत भी कम होती है | यहां शेयर बाजार में कम भाव में उपलब्ध होते हैं और यह समय के साथ-साथ बढ़ते रहते हैं इससे हमें फायदा होगा यह एक साथ स्टॉक या बांड में निवेश करने का अच्छा तरीका भी है शेयर बाजार में ईटीएफ ( ETF) को सही से समझते हो तो यह एक आसान और कम लागत वाला एक अच्छा निवेश विकल्प है ।

ईटीएफ ( ETF) से पैसे कैसे कमाए 

आज और इस समय देखा जाए तो ईटीएफ ( ETF) से पैसे कमाने के कई सारे विकल्प निकलकर आते हैं आप ईटीएफ ( ETF) में ट्रेडिंग भी कर  सकते हो अच्छा पैसा बना सकते हो आप बहुत अधिक पैसा कमाना चाहते हो तो आपको लंबे समय तक निवेश करना होगा तो आप एक अच्छा पैसा बना पाओगे 5 से 10 साल के मध्य का समय हो सकता है | इससे भी अधिक समय ले सकते हैं, महीने में कमाने हैं तो भी आप कमा सकते हो तो इस सब तरीके से ईटीएफ ( ETF) में से  पैसा कमा सकते हो ।

  1. शॉर्ट टर्म निवेश ( Short Term Investments )
  2. मध्य टर्मिनस ( Mid Term Investments )
  3. लॉन्ग टर्म निवेश ( Long Term Investments )

आप एक अच्छा पैसा जरूर बनाओगे।

क्या ईटीएफ ( ETF) आपको अमीर बना  सकता हैं 

हां ईटीएफ ( ETF) आपको अमीर बन सकते हैं बससर्त यह है, कि आपको अच्छे से निवेश करना आना चाहिए आपको खोजना आना चाहिए | आपको हर महीने और लंबे समय तक निवेश करने की जरूरत होगी |आपको ईटीएफ ( ETF) से अमीर बनना है तो आप एक करोड़ कब बना पाएंगे मान लो आप हर महीने हजार रुपए ईटीएफ ( ETF) में निवेश करते हो वह 10% वार्षिक ब्याज देता रहता है आप एक हजार रुपये 50 वर्ष तक ईटीएफ ( ETF) में निवेश करते हो तो आपके पास कितना पैसा बनेगा यह आप खुद देखें कि कितना पैसा बनेगा यह व्यवस्थित निवेश योजना कैलकुलेटर दिया गया है | आप उसमे इन आकड़ो को डाल कर देखे |मासिक निवेश राशि (₹)=1000 , ब्याज दर (% वार्षिक) =10% , अवधि (वर्षों में) = 50वहां जाकर जो यहां दिया है वह उसमें डालें आपको यहां पर कैलकुलेटर का लिंक दिया गया है ।👉.

व्यवस्थित निवेश योजना कैलकुलेटरईटीएफ ( ETF) में एक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट करते हो यानी कि आप कुछ रूल्स का फॉलो करके निवेश करते हो ईटीएफ ( ETF) के अंदर तो विदीन 30 से 50 साल के अंदर आप एक करोड़पति व्यक्ति जरूर बन जाओगे तो जो मैंने बताया है उसे एक बार अप्लाई करके जरूर देखें । आप अपनी राशी बदल सकते हैं | आप महीने के 5000 से 10000 रुपये भी निवेश कर सकते हो |

क्या ईटीएफ ( ETF) आपको अमीर बना  सकता हैं

भारत में ईटीएफ ( ETF)कहां से खरीदें 

आप भारत में रहते हो और यह सोच रहे हो कि भारत में ईटीएफ ( ETF) कहां से खरीदें तो मैं आपको बताने वाला हूं | कि आप ईटीएफ ( ETF) कहां से खरीद सकते हो आज ऑनलाइन बहुत सारे ब्रोकर है जो ईटीएफ ( ETF) की सुविधा प्रदान करते हैं | वहां से आप ईटीएफ ( ETF) खरीद सकते हो | जैसे :- एंजेल वन, फाइव पैसा, अपस्टॉक, जीरोधा, यहां से आप ईटीएफ ( ETF)खरीद सकते हो और तो और एक अच्छा पैसा भी बना सकते हो । और जानकारी के लिए यहाँ जाए 👉

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3.Zerodha 

4.Groww

मुझे कितने ईटीएफ ( ETF) में निवेश करना चाहिए 

शेयर बाजार में आप जितने चाहे उतने ईटीएफ ( ETF) में निवेश कर सकते हो परंतु मेरा मानना है कि आप 5 से 10 ईटीएफ ( ETF) में निवेश कर सकते हो और आप एक अच्छा पैसा बना पाओगे ।

निष्कर्ष 

 ईटीएफ ( ETF) एक अच्छा निवेश साधन है , इसका उपयोग कर के अच्छा पैसा कमा सकते हो | आपने यहाँ जाना की ईटीएफ ( ETF)क्या है,ईटीएफ ( ETF) की फुल फॉर्म ,ईटीएफ ( ETF) कितने प्रकार के होते हैं,ईटीएफ ( ETF) से लाभ,ईटीएफ ( ETF) कब खरीदे ,ईटीएफ ( ETF) में निवेश कैसे करे। ,निफ्टी ईटीएफ (Nifty ETF) कैसे खरीदे ,भारत में कितने ईटीएफ ( ETF) है, क्या ईटीएफ ( ETF) सुरक्षित है। ,बेस्ट गोल्ड ईटीएफ ( ETF) कौन – से हैं। ,शेयर बाजार में ईटीएफ(ETF) क्या है। ,ईटीएफ ( ETF) से पैसे कैसे कमाए ,क्या ईटीएफ ( ETF) आपको अमीर बन सकते हैं । ,भारत में ईटीएफ ( ETF) कहां से खरीदें,भारत में ईटीएफ ( ETF)कहां से खरीदें, इस सभी बिंदु को समझा  है , और भी आपको बहुत सी जानकारी प्राप्त हुई होगी |

डिस्क्लेमर

यहाँ पर जितनी  भी जानकारी दी गई हैं | वह सिर्फ फाइनेंस शिक्षा को बढ़ावा देना हैं | यहाँ पर योर फाइनेंस प्लेनेट ( Your Finance Planet ) इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग ऐसी किसी भी प्रकार की सलाह नहीं देता हैं | आप अपने सलाहकार से सलाह जरूर ले फिर अपने जोखिम पर निवेश करे | 

 प्रश्न -उत्तर 

 प्रश्न 1. ईटीएफ ( ETF) क्या है ?      उत्तर:-   यह एक प्रकार का निवेश साधन है | जहा आप निवेश कर पैसे बना सकते हो | प्रश्न 2.ईटीएफ ( ETF) में निवेश क्यू करे |    उत्तर:-यहाँ से आप 100 रुपये भी 20 से अधिक कंपनियों में लगा सकते हो और आप अच्छा पैसा बना पाओगे | इस लिए इसमें निवेश करना चाहिए | 

प्रश्न 3.ईटीएफ ( ETF) का पूरा नाम क्या है ?    उत्तर:-ईटीएफ ( ETF) का पूरा नाम आप हिंदी में मुद्रा कारोबार कोष के नाम से जानते हो इसकी फुल फॉर्म (इंग्लिश) एक्सेस ट्रेडिंग फंड ( Exchange Traded Funds) के   नाम से जानते है | प्रश्न 4 .भारत में कुल कितने ईटीएफ ( ETF) हैं ?    उत्तर:-भारत में कुल 150 ईटीएफ ( ETF) हैंप्रश्न 5 . ईटीएफ ( ETF)  की अधिक जानकारी के लिए कहा जाए ?    उत्तर:- NSE की वेबसाइट पर जा सकते हो , वहा आपको अधिक जानकारी मिल जायेगी |

एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर – SBI

एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर

एसबीआई  क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर:-कभी – न – कभी आपको भी क्रेडिट कार्ड में प्रॉब्लम आई होगी | नहीं आई है, तो आ सकती है , आगे | इसी सब मुशीबतो से बचने के लिए आप क्या करते हो पता है , नहीं ना मैं दीपक मीणा एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर के बारे में पूरी जानकारी देने वाला हूँ | आप अपने खाते से जुड़ीं ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर कैसे अपडेट कर सकते हो उसकी भी जानकारी स्टेप बाई स्टेप बताने वाला हूँ | आपको एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर से जुडी सभी जानकारी आपको आसान भाषा के अंदर मिलने वाली हैं | तो अब आगे देखते हैं |

एसबीआई  क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर

Contents

  1.  

एसबीआई कार्ड खाते से जुड़े ईमेल और मोबाइल नंबर को कैसे बदले |

आपको ये सभी बदलाव करने के लिए sbicard.com/quickcontact पर जाना होगा | आप इसे गूगल में सर्च कर सकते हो , फिर आपके सामने यह इन्टर फेस खुलेगा | यहाँ आपको तीन स्टेप दिखेंगे :-

  • प्रथम स्टेप :- कार्ड डिटेल
  • द्वितय स्टेप :- ऑथेंटिकेट OTP
  • तृतीय स्टेप :- अपडेट मोबाइल / ईमेल
एसबीआई  क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर

प्रथम चरण में आपको क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरनी हैं | जैसे :- कार्ड नंबर ,डेट ऑफ़ बिरथ और कैप्सा भर के प्रोसीड करे | आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा | उसे डाले और फिर मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल सकते है |

एसबीआई कार्ड अकाउंट

आप अपने एसबीआई क्रेडिट कार्ड अकाउंट तक पहुंचना चाहते होतो | आपके पास यूजरनाम और पासवर्ड होना चाहिए | तब ही आप लॉगिन कर सकते हो आप यहाँ पर तीन तरीके से लॉगिन कर सकते हो |

  • रिजिस्टरड मोबाइल नंबर से
  • यूजर आईडी से
  • कार्ड डिटेल्स से

इसके साथ ही आपको अन्य सुविधा भी मिलती है |

  • फॉरगॉट यूजर आईडी / पासवर्ड
  • फर्स्ट टाइम उपयोग करता / न्यू रजिस्टर
  • यूजर आईडी लॉक्ड
एसबीआई  क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर

एसबीआई क्रेडिट कार्ड के फायदे

हम ऐसे देखने जाए तो यहाँ पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड या अन्य क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना सही भी हैं , क्युकी यह मुशीबत में साथ खड़े रहते है | जैसे कही अचानक से काम पढ़ गया वो भी अधिक पैसो का जब आप क्या करेंगे आपके पास पैसे नहीं है , तो आप आपके पास जो क्रेडिट कार्ड हैं | उसका उपयोग कर सकते हो | इसका उपयोग आप ऑनलाइन खरीदारी में भी कर सकते हो | और तो और आप जहाँ चाहे वहा उपयोग कर सकते हो | ध्यान रहे क्रेडिट कार्ड से जो पैसे आप खर्च कर रहे हो वह बैंक को वापस देना होगा | वह बैंक का पैसा हैं |

एसबीआई क्रेडिट कार्ड के फायदे

एसबीआई  क्रेडिट कार्ड के नुकसान 

आप क्रेडिट कार्ड बिल समय पर नहीं देते होतो आप पर बहुत बड़ी मुशीबत आ सकती है | यहाँ तक की आत्म हत्या ये मैं नहीं बता रहा हूँ | ऐसा बहुत लोगो ने किया भी है | इस लिए आपको सावधान कर रहा हूँ | आप समय से बिल भर देते हैं तो कोई दिकत की बात नहीं हैं | 

क्रेडिट कार्ड सुरक्षा

आपके पास क्रेडिट कार्ड हो या अन्य भी कार्ड हो सुरक्षा जरुरी हैं | क्रेडिट कार्ड पर कुछ नंबर होते हैं , ध्यान रखना बहुत जरुरी हैं परCVV नंबर और कार्ड की अंतिम तारिक या इस कार्ड की पूरा होने की दिनाँक होती है ,और उस कार्ड पर चार -चार के जोड़े में चार संख्या होती हैं | और इस पर 16 अंक होते हैं | हम संख्या भी कह सकते है | उस पर आपका नाम और बैंक का नाम होता हैं | मैं आपको सही से बताओ तो इस कार्ड पर जितना भी नंबर है | वो किसी के साथ शेयर नहीं करे | इसे आपके अकाउंट में जितने पैसे होंगे वह गायब हो सकते हैं | इसके साथ ही और आप पैसो के भीना हो सकते हो | मैं आपको बताना भूल गया हु की आप वन टाइम पासवर्ड भी किसी के साथ शेयर ना करे | इससे भी आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है |

एसबीआई  क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे :- SBI Security

निष्कर्ष

आपने जाना की एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर के बारे में और इससे जुड़ीं जानकारी भी जानी हैं | क्रेडिट कार्ड को कैसे सुरक्षी रखना हैं | इसके बारे में भी अच्छे से समझा हैं | की क्रेडिट कार्ड क्या होता हैं | और आपको इसकी विस्तार से जानकारी मिली होगी | मैंने भी कोशिश की की आपको पूरी जानकरी दे सकू |

प्रश्न / उत्तर

प्रश्न 1. एसबीआई  कस्टमर केयर नंबर क्या हैं ?

उत्तर:- एसबीआई  कस्टमर केयर नंबर इस लिए दिया जाता है | क्यूकी आप उस नंबर पर कॉल कर मदत ले सकते हो | कस्टमर केयर नंबर – 1860 500 1290 कॉल करे | 

प्रश्न 2. 1800112211 नंबर क्या हैं ?

उत्तर:- ये नंबर किसी भी सीज के लिए है | शिकायत करने के लिए हाँ ध्यान रखे एसबीआई बैंक और उससे जुडी सेवाओं के लिए हैं | 

प्रश्न 3. अकाउंट बैलेंस देखने या  एसबीआई बैंक डिटेल देखने   के लिए किस नंबर का उपयोग करे ?

उत्तर:- आप इस से जुडी जानकारी पाने के लिए 8422845512 नंबर का उपयोग कर सकते है | आप इस नंबर पर मिसकॉल  करे और आपके मोबाइल पर अकाउंट की जानकारी आ जायेगी | 

प्रश्न 4. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंन्ट कैसे देखे ?

उत्तर:- आप क्रेडिट कार्ड पॉइंट देखना चाहते है तो 8422845514 पर मिसकॉल कर सकते है | आपको जानकारी मिल जायेगी | 

new income tax – नया आयकर – income tax 2025 – income slab

new income tax

new income tax – नया आयकर – income tax 2025 – income slab :- हेलो मैं दीपक मीणा आपको आज टैक्स के बारे में जानकारी देने वाला हूँ , बताऊगा की कर ( टैक्स ) क्या हैं | कर गरीब और अमिर व्यक्ति पर कर लगता हैं | सीदे तोर से कहे तो कर वो एक व्यक्ति हैं , एक व्यक्ति से पैसे/रुपये लेता हैं ,कर के रूप में उसे हम पैसे /रूपये देते है ,उसे हम कर कहते है | और इसे और समझे तो इस प्रकार समझ सकते है | इस भारत देश को चलाने के लिए हर एक व्यक्ति से कर के रूप में पैसे /रूपये लिए जाते है ,उसे कर कहते हैं | यह कर दो तरह से लिया जाता है | 1. डायरेकट 2. इनडायरेकट कर कहते हैं |

कर कोन – कोन देता हैं

कर हर वह व्यक्ति देता हैं | जो इस भारत देश में रहता हैं या नहीं भी रहता हो दोनों तोर से उस व्यक्ति पर कर लगता हैं | आप अपनी माँ के गर्भ में थे तो भी आपने कर दिया था | उस समय माता के पोषक तत्व आप लेते और फिर माँ कमजोर फील करती और फिर दवाइया और फल फरूड या अन्य पोषक तत्व का उपयोग करती तो उस पर भी कर लगा | मरने के बाद भी कर लगता हैं | आप भारत में रह रहे हो और आप कुछ भी कमाते नहीं हो तो भी आप को कर देना ही हैं | हर व्यक्ति कर देता हैं |

कर क्यों देना पड़ता हैं |

कर तो हर उस व्यक्ति को देना ही हैं जो भारत में रह रहा है | हम बात करेंगे की कर क्यों देना पड़ता हैं | इस भारत देश को चलाने के लिए कर देना पड़ता हैं | आपके आस – पास जो भी काम सरकार करती हैं वो कर के मदत से ही होता हैं | जैसे : – रोड का निर्माण करना हो या आपके घर पर लाइट का आना हो , ये सब सब खर्च कर की मदत से ही हो पाते हैं | हम सीदे तोर से कहे तो कर इस लिए देना पड़ता है | क्यों की इस देश को अच्छे से चलाना हैं | वो भी आपकी मदत से कर और हर व्यक्ति की मदत से हर कोई अलग – अलग तरह से कर देता हैं |

कर के प्रकार

  1. डायरेकट कर
  2. इनडायरेकट कर

पुराना आयकर

पुराना आयकर

नया आयकर

नया आयकर | income tax

Read in English

What is tax?

Hello, I am Deepak Meena, today I am going to give you information about tax. I will tell you what tax is. Tax is imposed on rich and poor people. Simply put, tax is a person, he takes money from a person, we give him money in the form of tax, we call it tax. And if we understand it further, we can understand it like this. To run this country India, money is taken from every person in the form of tax, it is called tax. This tax is taken in two ways. 1. Direct 2. Indirect tax.

Who pays tax?

Every person pays tax. Whether he lives in this country India or not, tax is imposed on that person in both ways. You had paid the tax even when you were in your mother’s womb. At that time you would take the nutrients from the mother and then the mother would feel weak and then she would use medicines and fruits or other nutrients, then tax would be imposed on that too. Tax is imposed even after death. If you are living in India and you do not earn anything, then also you have to pay tax. Every person pays tax.

Why do we have to pay tax?

Tax has to be paid by every person who is living in India. We will talk about why we have to pay tax. Tax has to be paid to run this country of India. Whatever work the government does around you is done with the help of tax. Like: – construction of a road or getting electricity to your house, all these expenses are possible only with the help of tax. If we say it simply, then tax has to be paid because this country has to be run well. That too with your help, tax is paid and with the help of every person, everyone pays tax in different ways.

Types of tax

  1. Direct tax
  2. Indirect tax

Old Income tax

Old Income tax | income tax

new income tax

new income tax | income tax

Bank Cheque Book – बैंक चेक बुक

bank cheque book

चेक बुक

Bank Cheque Book – बैंक चेक बुक:- ​​आपको बैंक चेक बुक कैसे देती है | इसकी जानकारी में आपको विस्तार से बता रहा हूँ | इसको प्राप्त करने के लिए आपको बैंक जाना पड़ेगा और फॉर्म भरना पड़ता हैं | और उस पर आपका नाम , पिता का नाम ,आधार कार्ड नम्बर , मोबाइल नम्बर ,और अन्य जानकारी देनी होगी |  फॉर्म पूरा भरने के बाद बैंक को देना होता हैं | फिर आपके पास 7-14 दिनों के मध्य चेक मिलेगा | आप ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते   हो | 

चेक बुक का उपयोग 

चेक बुक एक कागज की बनी एक बुक होती है | आयताकार जैसी -इसके ऊपर बैंक का नाम जिस बैंक से आपने चेक बुक ली है | ” ध्यान रखे उस में आपका बैंक अकाउंट होना चाहिए ” उस पर ब्रांच का  नाम और तो और बैंक से जुड़ीं पूरी जानकारी मिल जाती हैं | अब देखते है ,इसका उपयोग – आप एक चेक बुक उठाओ और उसमे एक चेक निकालो फिर इसे भरो | pay ( आप जिसको रुपये देना चाहते हैं या आप जिसको चेक दे रहे हैं ) , उसका नाम लिखो | फिर Rupees / रुपये डालो ( चेक प्राप्त करने वाले को आप कितने रूपये देना चाहते हैं ,वह यहाँ लिखो ) ” शब्दों में ” फिर आपको अंको में रूपये लिखने होंगे “₹” | फिर जिसका चेक हैं ,उसके हस्ताहक्षर करने होंगे | ” हस्ताहक्षर करो ” फिर आपको ऊपर की साइट में दिनांक डालनी होगी | ” डालो ” फिर यह चेक उस व्यक्ति को दे दो जिसको आप देना चाहते हैं | 

चेक के प्रकार

देखो चेक की बात करे तो वह अलग – अलग प्रकार के होते हैं और इसे अलग – अलग समय पर अलग – अलग जगह पर उपयोग किया जाता है | इस सभी को अलग तरह से उपयोग   करते हैं | ये रहे कुछ चेक के प्रकार। 

  • बेयरर चेक 
  • आर्डर चेक 
  • क्रॉस्ड चेक 
  • ओपन चेक 
  • पोस्ट – डेटेड चेक 
  • स्टेल चेक 
  • सेल्फ चेक 
  • ट्रैवलर्स चेक   

निष्कर्ष

आपने जाना की चेक क्या हैं |  इसका उपयोग कैसे किया जाता हैं | एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को रुपये देना चाहता है , तो कैसे दे सकता हैं | हम चेक बुक को बैंक से कैसे प्राप्त कर सकते हैं | इसके बारे में भी बात की और हमने देखा की चेक बुक कितने प्रकार के होते व् भी देखा | तो यहाँ पर आपको कुछ तो नया सीखने को मिला होगा |

प्रश्न / उत्तर

प्रश्न 1. चेक क्यू उपयोगी में लिया जाता हैं ?

उत्तर:-चेक इस लिए उपयोग में लिया जाता है | क्यूकि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को रुपये देने के लिए उपयोग में लिया जाता हैं |

प्रश्न 2. बैंक से चेक बुक लेने के लिए क्या करे ?

उत्तर:-इस के लिए आपको बैंक जाना होगा और फॉर्म भर के देना होगा | बैंक में नहीं तो ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हो |

प्रश्न 3. चेक बुक में रूपये कैसे भरे ?

उत्तर:-चेक बुक पर रुपयों को शब्दों में लिखते है तो सिर्फ लिखना होगा |

जैसे : -दस लाख सिर्फ ( 1000000 /- )

Read in English:-

What is a bank cheque

Hello, I am Deepak Meena. Today I am going to tell you about the bank cheque in detail. Bank cheque is a type of instrument which is used to give money to a person. Bank cheque is mostly used in business line. It is used in any business of yours. It is also used in other places.

Cheque Book

How does the bank give you a cheque book? I am telling you about it in detail. To get it, you have to go to the bank and fill a form. And on it you have to give your name, father’s name, Aadhar card number, mobile number, and other information. After filling the form completely, it has to be given to the bank. Then you will get the cheque within 7 – 14 days. You can also fill the form online.

Use of cheque book

The cheque book is a book made of paper. Rectangular in shape. On top of it is the name of the bank from which you have taken the cheque book. ” Keep in mind that it should have your bank account ” The name of the branch and all other information related to the bank is available on it. Now let’s see its use – you take a cheque book and take out a cheque from it, then fill it. Pay (Write the name of the person to whom you want to give money or to whom you are giving the cheque) Then put Rupees (Write here how much money you want to give to the person receiving the cheque) ” in words ” Then you have to write the amount in numbers “₹” Then the person to whom the cheque is, has to sign it ” Sign ” Then you have to put the date on the top side ” Put ” Then give this cheque to the person to whom you want to give it.

Types of cheques

See, if we talk about cheques, they are of different types and they are used at different times and at different places. All of them are used differently. Here are some types of cheques. …

  • Bearer cheque
  • Order cheque
  • Crossed cheque
  • Open cheque
  • Post – dated cheque
  • Stale cheque
  • Self cheque
  • Travellers cheque

Conclusion

You have learnt what a cheque is and how it is used. If a person wants to give money to another person, how can he do so. We have also talked about how we can get a cheque book from the bank and we have also seen how many types of cheque books are there. So here you must have learnt something new.

FAQ

Q1. Why is a cheque useful ?

Ans:-A cheque is used because it is used by one person to give money to another person.

Q2. What to do to get a cheque book from the bank ?

Ans:-For this you will have to go to the bank and fill the form and submit it. If not in the bank, you can also fill the form online.

Q3. How to fill money in the cheque book ?

Ans:-If you write the amount in words on the cheque book, you will have to write it only.

For example: – 10 lakh only (1000000/-

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